नवजात शिशु को सुरक्षित तरीके से सुलाने का तरीका
नवजात शिशु को सुरक्षित और आरामदायक नींद दिलाने के लिए आवश्यक तरीके और सावधानियां।
- सुरक्षित नींद की स्थिति. हमेशा अपने शिशु को पीठ के बल सुलाएं, पेट या करवट के बल कभी नहीं। यह स्थिति सांस लेने में किसी भी तरह की बाधा को रोकती है। शिशु का सिर एक तरफ मोड़ कर रखें ताकि अगर वह उल्टी करे तो सांस की नली में न जाए। जब तक बच्चा खुद से करवट न लेने लगे, तब तक उसे हमेशा पीठ के बल ही सुलाएं।
- बिस्तर की व्यवस्था. कठोर और समतल गद्दे का इस्तेमाल करें जो पालने में अच्छी तरह फिट हो। गद्दे को साफ चादर से कसकर ढकें। पालने में कोई तकिया, रजाई, मुलायम खिलौने, या बंपर पैड न रखें क्योंकि ये सब दम घुटने का कारण बन सकते हैं। शिशु को केवल फिटेड शीट पर ही सुलाएं।
- कमरे का तापमान और कपड़े. कमरे का तापमान 20-22 डिग्री सेल्सियस के बीच रखें। शिशु को ज्यादा गर्म कपड़े न पहनाएं - एक परत कपड़े की और ऊपर से स्लीप सैक या पतली चादर काफी है। अगर शिशु का माथा या गर्दन गर्म महसूस हो रही है तो एक परत कम कर दें। कभी भी शिशु के सिर को टोपी से न ढकें जब वह सो रहा हो।
- पालना और नींद का माहौल. शिशु को अपने अलग पालने में सुलाएं, लेकिन पहले छह महीने तक पालना आपके कमरे में ही रखें। पालने की सलाखों के बीच 6 सेमी से ज्यादा जगह न हो। कमरे में धुंआ न हो - सिगरेट, अगरबत्ती या धूप से बचें। कमरे में हल्का अंधेरा रखें और तेज आवाज से बचें।
- सुलाने की दिनचर्या. नियमित समय पर सुलाने की कोशिश करें। सुलाने से पहले शिशु को दूध पिलाएं, डायपर बदलें और धीरे से सहलाएं। शिशु को सुलाते समय धीमी आवाज में बात करें या लोरी गाएं। अगर शिशु रो रहा है तो उसे शांत करने के बाद ही सुलाएं। शिशु को हिलाकर या झुलाकर सुलाने की बजाय पालने में रखकर धीमे से थपथपाएं।