बच्चे को गोद में लेकर सुलाने की आदत कैसे छुड़ाएं
जानें कि बच्चा जब सिर्फ गोद में ही सोता हो तो उसे अपने बिस्तर पर सुलाने के आसान तरीके।
- पहले समझें कि ऐसा क्यों होता है. बच्चे गोद में इसलिए बेहतर सोते हैं क्योंकि उन्हें माँ की गर्मी, दिल की धड़कन और हल्की हिलावट का एहसास होता है। यह उन्हें माँ के गर्भ जैसी सुरक्षा का अनुभव देता है। इसमें कोई गलती नहीं है - न आपकी और न बच्चे की।
- धीरे-धीरे बदलाव लाएं. एकदम से बच्चे को बिस्तर पर सुलाने की कोशिश न करें। पहले बच्चे को गोद में सुलाएं, फिर जब वो गहरी नींद में हो तो धीरे से बिस्तर पर लिटा दें। अपना हाथ कुछ देर उसकी छाती या पीठ पर रखें ताकि वो आपकी मौजूदगी महसूस करे। अगर बच्चा जाग जाए तो घबराएं नहीं, फिर से गोद में लेकर सुलाएं और दोबारा कोशिश करें।
- बच्चे के बिस्तर को आरामदायक बनाएं. बच्चे का बिस्तर गर्म और आरामदायक होना चाहिए। मुलायम चादर बिछाएं और कमरे का तापमान उचित रखें। आप अपनी इस्तेमाल की हुई शर्ट को बच्चे के तकिए के पास रख सकते हैं ताकि उसे आपकी खुशबू मिले। स्वैडलिंग (कपड़े में लपेटना) भी अच्छा काम करता है क्योंकि इससे बच्चे को गर्भ जैसी सुरक्षा मिलती है।
- सोने का माहौल बनाएं. कमरे की रोशनी धीमी करें और शांत माहौल बनाएं। कुछ बच्चे हल्के background noise में बेहतर सोते हैं, जैसे पंखे की आवाज़ या सफेद शोर (white noise)। रात को सोने से पहले एक निर्धारित दिनचर्या बनाएं - जैसे नहलाना, मालिश करना, या धीमी आवाज़ में गाना गाना।
- धैर्य रखें और लगातार कोशिश करें. याद रखें कि यह बदलाव में समय लगता है। कुछ रातें आसान होंगी, कुछ मुश्किल। अगर एक तरीका काम नहीं कर रहा तो दूसरा ट्राई करें। कभी-कभी बच्चे को थोड़ी देर रोने दें, लेकिन उसे पूरी तरह अकेला न छोड़ें। पास में रहकर उसे दिलासा दें कि आप वहीं हैं।