बढ़ती उम्र के दौरान नींद कैसे संभालें
बच्चों की ग्रोथ स्पर्ट के दौरान नींद की समस्याओं को संभालने के लिए व्यावहारिक गाइड।. HowTo: Family Edition: family how-tos that actually help.
- ग्रोथ स्पर्ट के दौरान नींद के बदलाव को समझें. बच्चों के तेज बढ़ने के समय उन्हें ज्यादा नींद की जरूरत होती है क्योंकि शरीर की मरम्मत और विकास रात में होता है। इस दौरान बच्चे दिन में भी सुस्त लग सकते हैं, रात में बेचैनी हो सकती है, या फिर सामान्य से ज्यादा सोना चाह सकते हैं। भूख भी बढ़ सकती है जो नींद को प्रभावित कर सकती है। यह जानना जरूरी है कि ये सभी बदलाव अस्थायी हैं और कुछ हफ्तों में सामान्य हो जाएंगे।
- नींद की दिनचर्या को मजबूत बनाएं. इस समय नियमित दिनचर्या और भी जरूरी हो जाती है। सोने का समय हर दिन एक ही रखें, भले ही बच्चा ज्यादा थका हुआ लगे। सोने से एक घंटा पहले शांत गतिविधियां करें जैसे किताब पढ़ना या हल्का संगीत सुनना। कमरे का माहौल आरामदायक बनाएं - हल्की रोशनी, सही तापमान और शांति। अगर बच्चा दिन में नैप लेना चाहता है तो 20-30 मिनट की छोटी झपकी लेने दें, लेकिन शाम 3 बजे के बाद न सोने दें।
- खान-पान का खास ध्यान रखें. ग्रोथ स्पर्ट के दौरान बच्चों की भूख बढ़ जाती है। सोने से 2-3 घंटे पहले भारी खाना न दें क्योंकि इससे नींद में परेशानी हो सकती है। अगर बच्चा रात में भूखा महसूस करे तो हल्का नाश्ता दें जैसे दूध, केला या बिस्कुट। दिन भर में पानी पर्याप्त दें लेकिन सोने के 1-2 घंटे पहले पानी कम करें ताकि रात में बार-बार उठना न पड़े। कैफीन वाली चीजें बिल्कुल न दें।
- शारीरिक परेशानियों से निपटें. तेज बढ़ने के दौरान बच्चों को हड्डियों और मांसपेशियों में दर्द हो सकता है, जिसे 'ग्रोइंग पेन' कहते हैं। यह खासकर रात में होता है। हल्की मालिश करें या गर्म पानी की बोतल से सिकाई करें। आरामदायक कपड़े पहनाएं जो टाइट न हों। अगर दर्द ज्यादा है तो डॉक्टर की सलाह पर दर्द निवारक दवा दे सकते हैं। बच्चे को समझाएं कि यह दर्द अस्थायी है और बढ़ने का हिस्सा है।
- भावनात्मक सहारा दें. ग्रोथ स्पर्ट के दौरान बच्चे चिड़चिड़ाहट, मूड स्विंग्स या अजीब सपने आने की शिकायत कर सकते हैं। धैर्य रखें और उन्हें समझाएं कि यह सामान्य है। सोने से पहले उनकी बात सुनें और उन्हें आश्वस्त करें। अगर वे डर के कारण न सो पा रहे हों तो थोड़ी देर उनके साथ बैठें। दिन भर उनके साथ गुणवत्तापूर्ण समय बिताएं ताकि वे सुरक्षित महसूस करें।