किशोर की नींद का समय कैसे ठीक करें
किशोरों की बिगड़ी हुई नींद की आदतों को सुधारने के लिए प्रभावी तरीके।
- नींद की दिनचर्या को समझें. किशोरों के शरीर में हार्मोनल बदलाव के कारण उनका प्राकृतिक नींद चक्र बदल जाता है। वे स्वाभाविक रूप से देर से सोना और देर से उठना चाहते हैं। इसे समझकर धीरे-धीरे समय में बदलाव करना जरूरी है। अचानक से नींद का समय बदलने की कोशिश न करें क्योंकि इससे तनाव बढ़ सकता है।
- मोबाइल और स्क्रीन का उपयोग कम करें. सोने से कम से कम एक घंटे पहले सभी स्क्रीन बंद करवाएं। फोन, लैपटॉप, टीवी से निकलने वाली नीली रोशनी नींद लाने वाले हार्मोन मेलाटोनिन को बनने से रोकती है। रात के समय फोन का उपयोग करना हो तो नाइट मोड चालू करवाएं। बेडरूम में चार्जर रखने से बचें ताकि रात में फोन का प्रयोग न हो।
- सोने का माहौल बनाएं. कमरे को नींद के लिए अनुकूल बनाना बहुत जरूरी है। कमरे का तापमान ठंडा रखें, अंधेरा करें और शोर से बचाएं। मोटे पर्दे लगवाएं जो सुबह की रोशनी को रोक सकें। आरामदायक गद्दा और तकिया का उपयोग करें। कमरे से पढ़ाई का सामान हटा दें ताकि दिमाग को आराम का संकेत मिले।
- दिन की गतिविधियों को व्यवस्थित करें. दिन में शारीरिक गतिविधि बढ़ाने से रात में अच्छी नींद आती है। सुबह धूप में कुछ देर बिताना जरूरी है क्योंकि इससे शरीर की प्राकृतिक घड़ी सेट होती है। शाम के बाद कैफीन का सेवन न करवाएं। भारी खाना सोने से 3 घंटे पहले खिलाएं। दिन में झपकी लेने से रोकें।
- धीरे-धीरे समय बदलें. अचानक से नींद का समय न बदलें। हर दिन 15-30 मिनट पहले सोने और उठने का समय निर्धारित करें। लगातार 7-10 दिन तक एक ही समय पर सोने और उठने की कोशिश करें। वीकेंड में भी यही नियम अपनाएं। यदि किशोर रात में नींद नहीं आ रही हो तो उन्हें बिस्तर पर लेटकर पूरी रात जागने न दें, बल्कि कोई शांत गतिविधि करने को कहें।
- तनाव कम करने के तरीके सिखाएं. सोने से पहले रिलैक्सेशन तकनीक सिखाएं जैसे कि गहरी सांस लेना, हल्का संगीत सुनना या किताब पढ़ना। चिंता और तनाव नींद की सबसे बड़ी दुश्मन हैं। बच्चे से बात करें कि कोई परेशानी है तो उसे साझा करे। योग या मेडिटेशन की आदत डलवाना भी फायदेमंद है।