सोते समय बच्चे को खुद को शांत करना कैसे सिखाएं
बच्चों को सोते समय स्वयं शांत होने की तकनीक सिखाने के लिए व्यावहारिक गाइड।
- एक शांत और आरामदायक माहौल बनाएं. बच्चे के कमरे में हल्की रोशनी रखें और तेज आवाज से बचें। कमरे का तापमान सामान्य रखें - न ज्यादा गर्म, न ज्यादा ठंडा। पसंदीदा गुड़िया या कंबल को पास रखें जो उन्हें सुरक्षित महसूस कराए। यदि जरूरत हो तो हल्का संगीत या सफेद आवाज का उपयोग करें।
- नियमित सोने की दिनचर्या स्थापित करें. हर रात एक ही समय पर सोने की तैयारी शुरू करें। स्नान, दांत साफ करना, कहानी सुनना जैसी गतिविधियां एक निश्चित क्रम में करें। इस दिनचर्या को 30-45 मिनट में पूरा करें। यह बच्चे के दिमाग को संकेत देता है कि अब सोने का समय है।
- सांस लेने की तकनीक सिखाएं. छोटे बच्चों को 'पेट से सांस' लेना सिखाएं - हाथ पेट पर रखकर धीरे-धीरे सांस लें और छोड़ें। बड़े बच्चों को '4-7-8' तकनीक सिखा सकते हैं - 4 गिनती में सांस लें, 7 में रोकें, 8 में छोड़ें। खुद भी उनके साथ करके दिखाएं। इसे खेल की तरह मजेदार बनाएं।
- शांत करने वाली गतिविधियां सिखाएं. मन में अच्छी जगह की कल्पना करना, पसंदीदा यादों के बारे में सोचना, या शरीर के अलग हिस्सों को आराम देना सिखाएं। बच्चों को सिखाएं कि कैसे अपने खिलौने को गले लगाकर या हल्के से अपने बाल सहलाकर खुद को शांत करें। मंत्र या प्रार्थना भी सहायक हो सकती है।
- धीरे-धीरे अपनी उपस्थिति कम करें. शुरुआत में बिस्तर के पास बैठें, फिर कुर्सी को धीरे-धीरे दूर करते जाएं। कुछ दिन बाद दरवाजे के पास खड़े होकर आश्वासन दें। अंत में बच्चे को अकेले सोने दें लेकिन बताएं कि आप पास में ही हैं। यह प्रक्रिया 1-2 सप्ताह ले सकती है।
- रात में जागने पर क्या करें. यदि बच्चा रात में जागे तो तुरंत उठकर न जाएं। थोड़ा इंतजार करें कि कहीं वह खुद ही वापस सो जाए। जरूरत पड़ने पर शांत आवाज में आश्वासन दें लेकिन उठाकर गोद में न लें। कमरे में जाकर हल्के से पीठ सहलाएं और वापस अपने कमरे में चले जाएं।