अंधेरे से डरने वाले बच्चे की मदद कैसे करें

अंधेरे से डरने वाले बच्चे को सहारा देने और रात की नींद सुधारने के प्रभावी तरीके।

  1. बच्चे के डर को समझें. सबसे पहले बच्चे की बात सुनें और उसके डर को गंभीरता से लें। उसे बताएं कि डरना सामान्य है। पूछें कि वह अंधेरे में क्या देखता है या महसूस करता है। उसकी कल्पना की दुनिया को समझें - छोटे बच्चे अक्सर परछाइयों को राक्षस समझ लेते हैं। कभी भी उसका मजाक न उड़ाएं या 'बड़े बच्चे नहीं डरते' जैसी बातें न कहें।
  2. रात की दिनचर्या बनाएं. एक शांत और आरामदायक सोने की दिनचर्या बनाएं। हर रात एक ही समय पर सोने की तैयारी शुरू करें। कहानी पढ़ना, हल्का संगीत सुनना या प्रार्थना करना शामिल करें। बच्चे के साथ कमरे में बैठकर उसे तब तक सहारा दें जब तक वह शांत न हो जाए। धीरे-धीरे अपना समय कम करते जाएं।
  3. रोशनी का सहारा लें. नाइट लाइट का इस्तेमाल करें जो हल्की, गर्म रोशनी दे। दरवाजा थोड़ा खुला रखें ताकि बाहर की रोशनी आती रहे। बैटरी वाली टॉर्च दें जिसे बच्चा जरूरत के समय इस्तेमाल कर सके। कमरे में चमकने वाले स्टिकर्स लगाएं जो अंधेरे में चमकते हों।
  4. डर से निपटने की तकनीकें सिखाएं. गहरी सांस लेने की तकनीक सिखाएं - नाक से सांस लें और मुंह से छोड़ें। 'जादुई स्प्रे' बनाएं (पानी की स्प्रे बोतल) जो 'राक्षसों' को भगा देती है। पसंदीदा भरवां खिलौना दें जो रात भर साथ रहे। मंत्र या प्रार्थना सिखाएं जो डर लगने पर बोल सकें।
  5. दिन के समय तैयारी करें. दिन में अंधेरे कमरे में जाकर दिखाएं कि वहां कुछ खतरनाक नहीं है। अंधेरे से जुड़ी सकारात्मक कहानियां पढ़ें। खेल-खेल में 'अंधेरे की खोज' करें। बच्चे को समझाएं कि अंधेरा सिर्फ सूरज की रोशनी न होना है, कोई डरावनी चीज नहीं।
  6. धैर्य रखें. यह प्रक्रिया में समय लगता है, तुरंत परिवर्तन की उम्मीद न रखें। कुछ रातें पीछे जाना सामान्य है। बच्चे की छोटी-छोटी सफलताओं को सराहें। अगर बच्चा रो रहा हो तो गुस्सा न हों, बल्कि शांति से सहारा दें।