बच्चे को अकेले सोने में कैसे मदद करें
बच्चों को माता-पिता के बिना अकेले सोने की आदत डालने के लिए व्यावहारिक तरीके।. HowTo: Family Edition: family how-tos that actually help.
- सोने की दिनचर्या बनाएं. एक निश्चित समय पर रोज़ाना सोने की दिनचर्या शुरू करें। इसमें नहाना, दांत साफ़ करना, कहानी सुनना या हल्का संगीत शामिल करें। यह दिनचर्या बच्चे के मन में यह संकेत देती है कि सोने का समय आ गया है। दिनचर्या को 20-30 मिनट का रखें और हर रोज़ वही क्रम अपनाएं। बच्चे को बताएं कि यह दिनचर्या पूरी होने के बाद वे अकेले सोएंगे।
- कमरे को सुरक्षित और आरामदायक बनाएं. बच्चे के कमरे में हल्की रोशनी का इंतजाम करें - पूरा अंधेरा न रखें। एक छोटी नाइट लाइट लगाएं। कमरे का तापमान सही रखें। उनके पसंदीदा खिलौने या तकिया पास रखें जो उन्हें सुरक्षा का एहसास दे। कमरे से डरावनी चीज़ें हटा दें। दरवाज़ा थोड़ा खुला छोड़ सकते हैं ताकि बच्चे को लगे कि आप पास में हैं।
- धीरे-धीरे दूरी बढ़ाएं. पहले बच्चे के बिस्तर के पास कुर्सी लगाकर बैठें। 3-4 दिन बाद कुर्सी को थोड़ा दूर हटाएं। फिर धीरे-धीरे कुर्सी को दरवाज़े तक ले जाएं। अंत में कुछ मिनट के लिए कमरे से बाहर जाएं और समय बढ़ाते रहें। यह प्रक्रिया 2-3 हफ्ते में पूरी होगी। जल्दबाज़ी न करें - हर बच्चे की गति अलग होती है।
- डर और चिंता को दूर करें. अगर बच्चा डर की वजह से नहीं सो पा रहा, तो उनकी बात सुनें। 'मॉन्स्टर स्प्रे' बनाएं (पानी की बोतल में लेबल लगाकर) और कमरे में छिड़कें। दिन में बच्चे के साथ उनके कमरे में खेलें ताकि वह जगह उन्हें डरावनी न लगे। उन्हें बताएं कि आप पास वाले कमरे में हैं और ज़रूरत पड़ने पर आ जाएंगे। सकारात्मक बातें करें - 'तुम बहुत बहादुर हो' जैसे शब्द इस्तेमाल करें।
- रोने पर क्या करें. अगर बच्चा रोए तो तुरंत न जाएं - 5-10 मिनट इंतज़ार करें। फिर कमरे में जाकर उन्हें तसल्ली दें लेकिन बिस्तर से न उठाएं। 2-3 मिनट रुकें और फिर चले जाएं। यह प्रक्रिया दोहराएं लेकिन हर बार इंतज़ार का समय बढ़ाते रहें। बच्चे को गोद में लेकर अपने कमरे में न ले जाएं वरना पुरानी आदत वापस आ जाएगी।