अकेले सोने से डरने वाले बच्चे की मदद कैसे करें

अकेले सोने से डरने वाले बच्चे को सहारा देने और रात को आरामदायक नींद दिलाने के सुरक्षित तरीके।

  1. डर की वजह को समझें. पहले यह जानने की कोशिश करें कि आपका बच्चा किस चीज़ से डर रहा है। क्या यह अंधेरा है, अजीब आवाज़ें हैं, या कोई कल्पना की चीज़ है? बच्चे से शांति से बात करें और उसकी बात को गंभीरता से सुनें। उसके डर को नकारें नहीं, बल्कि समझने की कोशिश करें। कभी-कभी बच्चे अपने डर को शब्दों में नहीं कह पाते, तो उनके चेहरे के भाव और व्यवहार से समझें।
  2. सोने का माहौल बनाएं. कमरे को आरामदायक और सुरक्षित बनाएं। हल्की रोशनी के लिए नाइट लैंप का इस्तेमाल करें। कमरे का तापमान सही रखें और शोर से बचें। बच्चे का पसंदीदा खिलौना या कंबल उसके पास रखें जो उसे सहारा दे। कमरे में कोई डरावनी चीज़ न हो और सब कुछ व्यवस्थित रखें। अगर ज़रूरत हो तो दरवाज़ा थोड़ा खुला छोड़ें ताकि बच्चे को लगे कि वह अकेला नहीं है।
  3. सोने की दिनचर्या बनाएं. हर रात एक ही समय पर सोने की तैयारी शुरू करें। पहले नहाना, फिर कहानी पढ़ना, गाना सुनाना या हल्की बातचीत करना। यह दिनचर्या बच्चे को सुकून देती है क्योंकि उसे पता रहता है कि आगे क्या होने वाला है। दिनचर्या को रोज़ाना दोहराएं ताकि यह एक आदत बन जाए। सोने से पहले टीवी या मोबाइल न दिखाएं क्योंकि इससे नींद में परेशानी हो सकती है।
  4. धीरे-धीरे स्वतंत्रता दें. एकदम से बच्चे को अकेला न छोड़ें। पहले उसके पास बैठकर थोड़ी देर रहें, फिर धीरे-धीरे यह समय कम करते जाएं। अगले हफ्ते कुर्सी पर बैठें, उसके बाद दरवाज़े के पास खड़े रहें। इस तरह से बच्चा समझ जाएगा कि वह सुरक्षित है। हर छोटी प्रगति के लिए बच्चे की तारीफ़ करें। अगर कोई रात मुश्किल हो तो एक कदम पीछे जाना भी ठीक है।
  5. दिन में भी तैयारी करें. दिन के समय बच्चे के साथ उसके कमरे में खेलें ताकि वह उस जगह को सुरक्षित समझे। कहानियों या खेल के ज़रिए बहादुरी के बारे में बताएं। बच्चे को सिखाएं कि गहरी सांस कैसे लें या मन में अच्छी चीज़ों के बारे में कैसे सोचें। दिन में अगर वह बहादुरी दिखाए तो उसकी तारीफ़ करें। यह उसका आत्मविश्वास बढ़ाएगा।