रात में बार-बार जागने वाले बच्चे को कैसे संभालें
रात में बार-बार उठने वाले बच्चे की मदद करने के लिए प्रभावी और सुरक्षित तरीके।. HowTo: Family Edition: family how-tos that actually help.
- पहले कारण समझें. बच्चे रात में जागने के कई कारण हो सकते हैं - भूख, डायपर गीला होना, कमरे का तापमान, दांत निकलना, या बुरे सपने। पहले एक सप्ताह तक नोट करें कि बच्चा कब और कैसे जागता है। इससे पैटर्न समझने में मदद मिलेगी। अगर बच्चे में बुखार, खांसी, या असामान्य रोना हो तो यह बीमारी का संकेत हो सकता है।
- रात का वातावरण ठीक करें. कमरा शांत, अंधेरा और आरामदायक तापमान पर रखें। रात की लाइट का इस्तेमाल करें जो बहुत तेज न हो। बच्चे के बिस्तर को आरामदायक बनाएं और दिन में खेले गए खिलौने हटा दें। सोने से पहले टीवी, मोबाइल या तेज आवाज से बचें। एक निरंतर, हल्की आवाज जैसे पंखे की आवाज नींद में मदद कर सकती है।
- रात में जागने पर क्या करें. जब बच्चा जागे तो तुरंत न उठाएं - कुछ मिनट इंतजार करें कि कहीं वह खुद सो जाए। अगर जरूरत हो तो धीरे से बच्चे के पास जाएं, कम रोशनी में काम करें। बहुत ज्यादा बात न करें और खेल न खेलें। जरूरत के अनुसार डायपर बदलें, दूध दें लेकिन जल्दी से काम निपटाएं। बच्चे को वापस बिस्तर पर लिटाकर धीरे से पीठ सहलाएं या हल्का गाना गुनगुनाएं।
- दिन की दिनचर्या सुधारें. दिन में बच्चे को धूप दिखाएं और शारीरिक गतिविधि कराएं। दिन की नींद को संतुलित रखें - बहुत ज्यादा दिन में सोने से रात की नींद प्रभावित होती है। शाम को एक निरंतर दिनचर्या बनाएं जैसे नहाना, कहानी सुनाना, दूध पीना। खाने का समय भी नियमित रखें और सोने से 2 घंटे पहले भारी खाना न दें।
- अपनी देखभाल भी करें. रात की परेशानी में माता-पिता की नींद भी प्रभावित होती है। दिन में जब बच्चा सोए तो आप भी आराम करें। पार्टनर के साथ रात की जिम्मेदारी बांटें। परिवार या दोस्तों से मदद लें जब जरूरत हो। याद रखें कि यह समस्या अस्थायी है और धीरे-धीरे सुधरेगी। अपने धैर्य बनाए रखें और तनाव न लें।