नींद में चलने वाले बच्चे को कैसे संभालें
नींद में चलने वाले बच्चे की सुरक्षा और देखभाल के लिए व्यावहारिक सुझाव।
- नींद में चलने को समझें. नींद में चलना तब होता है जब बच्चा गहरी नींद में होते हुए भी शारीरिक गतिविधि करता है। बच्चा आंखें खुली रखकर घर में घूम सकता है, लेकिन वास्तव में वह सो रहा होता है। यह स्थिति आमतौर पर सोने के 1-3 घंटे बाद होती है। बच्चा इस दौरान आपकी बात का जवाब नहीं देता और सुबह उसे कुछ याद नहीं रहता।
- तुरंत सुरक्षा उपाय करें. सबसे पहले घर को बच्चे के लिए सुरक्षित बनाएं। सीढ़ियों पर गेट लगाएं और तेज कोनों वाली चीजों को हटाएं। खिड़कियों और दरवाजों पर लॉक लगाएं जो बच्चा आसानी से न खोल सके। फर्श पर खिलौने या अन्य सामान न छोड़ें जिससे बच्चा गिर सकता है। बच्चे के कमरे में नाइट लाइट जरूर लगाएं।
- नींद में चलते समय क्या करें. जब आप बच्चे को नींद में चलते देखें तो उसे तुरंत जगाने की कोशिश न करें। बच्चे के साथ-साथ चलें और धीरे से उसे वापस बिस्तर तक ले जाएं। शांत आवाज में बात करें जैसे 'बिस्तर पर वापस चलते हैं'। अगर बच्चा किसी खतरनाक जगह जा रहा है तो बहुत धीरे से उसे दूसरी दिशा में ले जाएं। जबरदस्ती न करें और न ही जोर से आवाज लगाएं।
- दिनचर्या में सुधार करें. बच्चे की नींद की दिनचर्या को नियमित बनाएं। हर रोज एक ही समय पर सुलाएं और जगाएं। सोने से पहले शांत माहौल बनाएं - तेज रोशनी, शोर या उत्तेजक खेल से बचें। बच्चे को पर्याप्त नींद दें क्योंकि थकान नींद में चलने को बढ़ा सकती है। दिन भर में शारीरिक गतिविधि कराएं लेकिन सोने से कम से कम 2 घंटे पहले तक।
- तनाव और चिंता कम करें. बच्चे के जीवन में किसी भी तरह के तनाव की पहचान करें जैसे नया स्कूल, घर बदलना, या पारिवारिक समस्याएं। सोने से पहले आरामदायक गतिविधियां करें जैसे कहानी पढ़ना या हल्का संगीत सुनना। बच्चे से दिन भर की बातें करें और उसकी चिंताओं को सुनें। घर में शांत और खुशमिजाज माहौल बनाए रखें।