बच्चे अपने बिस्तर पर सोने से मना करें तो क्या करें
जब बच्चा अपने कमरे में अकेले सोने से मना करे तो इन आसान तरीकों से उसकी आदत सुधारें।
- वजह समझें. पहले यह जानें कि बच्चा अपने बिस्तर पर क्यों नहीं सोना चाहता। कई बार डर, अकेलापन, या कोई बुरा सपना इसकी वजह होती है। कभी-कभी बच्चे को लगता है कि माँ-बाप के पास ज्यादा मज़ा आता है। बच्चे से प्यार से बात करें और उसकी परेशानी समझें। अगर कोई खास डर है तो उसे दूर करने की कोशिश करें।
- दिनचर्या बनाएं. रात को सोने से पहले एक निश्चित दिनचर्या बनाएं। इसमें नहाना, दांत साफ़ करना, कहानी सुनना, या हल्का गाना शामिल हो सकता है। यह दिनचर्या हर रोज़ एक ही समय पर करें। इससे बच्चे को पता चल जाएगा कि अब सोने का समय है। दिनचर्या को मज़ेदार और आरामदायक बनाएं ताकि बच्चा इसका इंतज़ार करे।
- कमरे को आरामदायक बनाएं. बच्चे के कमरे को सुरक्षित और आरामदायक बनाएं। रोशनी कम करें लेकिन अगर बच्चा चाहे तो हल्की नाइट लाइट लगाएं। कमरे का तापमान सही रखें - न ज्यादा गर्म, न ज्यादा ठंडा। बच्चे के पसंदीदा खिलौने या तकिया उसके पास रखें। कमरे में कोई डरावनी चीज़ न हो और सब कुछ साफ़-सुथरा हो।
- धीरे-धीरे आदत बदलें. अचानक से बच्चे को अकेले नहीं छोड़ें। पहले कुछ दिन उसके कमरे में कुर्सी पर बैठें जब तक वो सो न जाए। फिर धीरे-धीरे कुर्सी को दरवाज़े के पास ले जाएं। कुछ दिन बाद दरवाज़े के बाहर खड़े रहें ताकि बच्चा आपकी आवाज़ सुन सके। आखिर में बच्चे को अकेले सोने की आदत हो जाएगी। इस पूरे प्रोसेस में 2-3 सप्ताह लग सकते हैं।
- सकारात्मक रहें. जब बच्चा अपने बिस्तर पर सोने की कोशिश करे तो उसकी तारीफ़ करें। छोटे इनाम भी दे सकते हैं जैसे स्टिकर चार्ट या पसंदीदा नाश्ता। गुस्सा न करें या सज़ा न दें क्योंकि इससे बच्चे का डर बढ़ सकता है। धैर्य रखें और बच्चे को समझाएं कि बड़े बच्चे अपने बिस्तर पर सोते हैं। उसे बताएं कि आप पास के कमरे में ही हैं और जरूरत पड़ने पर आ जाएंगे।
- दिन में तैयारी करें. दिन के समय भी बच्चे को अपने कमरे में खेलने दें ताकि वो उस जगह को पसंद करने लगे। उसके साथ बिस्तर बनाएं और कमरे की सफाई में उसकी मदद लें। दिन में बच्चे के साथ उसके बिस्तर पर बैठकर किताब पढ़ें या बात करें। इससे बच्चे का अपने कमरे से अच्छा रिश्ता बनेगा और रात को डर कम लगेगा।