सोने का ऐसा रूटीन बनाएं जो सच में काम करे
बच्चों के लिए प्रभावी सोने की दिनचर्या बनाने के व्यावहारिक तरीके जानें।. HowTo: Family Edition: family how-tos that actually help.
- सोने का समय तय करें. सबसे पहले बच्चे की उम्र के हिसाब से सोने का समय तय करें। छोटे बच्चे (2-5 साल) को रात 7-8 बजे तक सोना चाहिए, जबकि बड़े बच्चे (6-12 साल) रात 8-9 बजे तक सो सकते हैं। हर दिन एक ही समय पर सुलाने की कोशिश करें, चाहे छुट्टी हो या स्कूल का दिन। इससे बच्चे की बॉडी क्लॉक सेट हो जाती है और उसे नींद आना आसान हो जाता है।
- सोने से पहले की गतिविधियां तय करें. सोने से 30-60 मिनट पहले शांत गतिविधियां शुरू करें। पहले नहाना-धुलाना, फिर आरामदायक कपड़े पहनाना, दांत साफ करना, और अंत में कहानी सुनाना या शांत संगीत सुनना शामिल करें। टीवी, मोबाइल या टैबलेट सोने से कम से कम 1 घंटे पहले बंद कर दें। इन सबको हर दिन एक ही क्रम में करें ताकि बच्चे को पता चले कि अब सोने का समय है।
- सोने का माहौल बनाएं. कमरे को सोने के लिए तैयार करें - लाइट धीमी कर दें, तेज़ आवाज़ें कम करें और कमरे का तापमान सामान्य रखें। बच्चे के बिस्तर को आरामदायक बनाएं और उसके पास उसका पसंदीदा तकिया या खिलौना रखें। अगर बच्चा अंधेरे से डरता है तो हल्की नाइट लाइट का इस्तेमाल कर सकते हैं।
- धैर्य रखें और लगातार करें. नई दिनचर्या को काम करने में 2-3 हफ्ते लग सकते हैं, इसलिए धैर्य रखें। अगर बच्चा रोता है या मना करता है, तो प्यार से समझाएं और अपनी दिनचर्या पर टिके रहें। हर दिन एक जैसा करना बहुत ज़रूरी है। अगर कोई दिन छूट जाए तो अगले दिन से फिर शुरू करें, हार न मानें।
- दिन भर की गतिविधियों का भी ध्यान रखें. दिन में बच्चे को भरपूर शारीरिक गतिविधि कराएं ताकि रात में उसे अच्छी नींद आए। दोपहर की नींद का भी सही समय रखें - छोटे बच्चों के लिए दोपहर 12-2 बजे तक ठीक है, लेकिन शाम 4 बजे के बाद न सुलाएं। शाम को कैफीन वाली चीज़ें (चॉकलेट, कोला) न दें।