बच्चा स्कूल से नफरत करे तो क्या करें
स्कूल से नफरत करने वाले बच्चे की मदद कैसे करें - व्यावहारिक तरीके और समाधान।
- सबसे पहले कारण समझें. बच्चे से बात करके जानें कि वो स्कूल क्यों नहीं जाना चाहता। हो सकता है कोई दोस्त उसे परेशान कर रहा हो, पढ़ाई में दिक्कत हो, टीचर से डर लगता हो, या बस घर से दूर जाने का डर हो। बिना गुस्सा किए, प्यार से सुनें। कभी-कभी बच्चे सीधे नहीं बताते, तो उनके व्यवहार पर ध्यान दें। क्या वो रविवार की शाम परेशान रहते हैं? सुबह पेट दर्द की शिकायत करते हैं? ये संकेत हो सकते हैं।
- टीचर से बात करें. स्कूल जाकर या फोन पर टीचर से मिलें। पूछें कि बच्चा क्लास में कैसा व्यवहार करता है, दोस्त बनाता है या नहीं, पढ़ाई में कैसा है। टीचर को बताएं कि बच्चा घर पर स्कूल के बारे में क्या कहता है। मिलकर समाधान निकालें। हो सकता है क्लास में बच्चे की सीट बदलनी पड़े या किसी खास विषय में अतिरिक्त मदद चाहिए हो।
- दिनचर्या को आसान बनाएं. सुबह की जल्दबाजी कम करें। रात को ही कपड़े, बैग और सामान तैयार करके रखें। जल्दी सोने और जल्दी उठने की आदत डालें। नाश्ता हल्का लेकिन पौष्टिक दें। स्कूल जाने से पहले कुछ मजेदार करें - पसंदीदा गाना सुनें या कोई खेल खेलें। इससे बच्चे का मूड अच्छा रहेगा।
- घर में पॉजिटिव माहौल बनाएं. स्कूल के बारे में हमेशा अच्छी बातें करें। टीचर्स या स्कूल की बुराई न करें। बच्चे की छोटी उपलब्धियों की तारीफ करें। अगर उसने कोई नया दोस्त बनाया या कोई काम अच्छा किया तो उसे सराहना दें। स्कूल से आने पर पहले पूछें कि दिन कैसा था, फिर होमवर्क की बात करें।
- स्कूल को मजेदार बनाने के तरीके. बच्चे की पसंदीदा चीजों को स्कूल से जोड़ें। अगर उसे कला पसंद है तो स्कूल की आर्ट क्लास के बारे में बात करें। लंच में उसकी पसंदीदा चीज पैक करें। कभी-कभी स्कूल की गतिविधियों में भाग लें - स्पोर्ट्स डे, एनुअल फंक्शन। इससे बच्चे को लगेगा कि आप उसके स्कूल में रुचि रखते हैं।
- धैर्य रखें और सहयोग करें. बच्चे पर दबाव न डालें। कुछ बच्चों को समय लगता है नए माहौल में ढलने के लिए। अगर बच्चा रोता है तो गुस्सा न करें, समझाएं। थोड़े दिन साथ स्कूल जाएं या गेट तक छोड़ें। धीरे-धीरे बच्चा खुद से जाने लगेगा। हार न मानें और लगातार कोशिश करते रहें।