गणित में पिछड़ रहे बच्चे की मदद कैसे करें
जानें कि अगर आपका बच्चा गणित में कमजोर है तो उसकी मदद कैसे करें और उसका आत्मविश्वास कैसे बढ़ाएं।
- समस्या की जड़ पहचानें. सबसे पहले यह समझें कि बच्चा कहाँ अटक रहा है। उसके टेस्ट पेपर देखें और टीचर से बात करें। कई बार बुनियादी बातें जैसे जोड़-घटाव या पहाड़े कमजोर होते हैं। हो सकता है बच्चे को समझने में ज्यादा समय लगता हो या वह दूसरे तरीके से सीखता हो। उसकी पढ़ाई की आदतें भी देखें - कहीं वह होमवर्क छोड़ता तो नहीं या क्लास में ध्यान नहीं देता।
- घर में सहारा दें. रोज थोड़ा समय निकालकर बच्चे के साथ गणित की प्रैक्टिस करें। सरल सवालों से शुरुआत करके धीरे-धीरे कठिन की तरफ बढ़ें। बच्चे की गलतियों पर गुस्सा न करें, बल्कि धैर्य से समझाएं। रोजमर्रा की चीजों से गणित सिखाएं - खाना बनाते समय नाप-तोल, खरीदारी में पैसे गिनना, या खेल के जरिए। बच्चे को लगने दें कि गणित डरावनी चीज नहीं है।
- अलग तरीकों से सिखाएं. हर बच्चा अलग तरीके से सीखता है। कुछ बच्चे देखकर सीखते हैं तो कुछ करके। चित्र, चार्ट और रंग-बिरंगी चीजों का इस्तेमाल करें। गिनती सिखाने के लिए मोतियां, सिक्के या खिलौने इस्तेमाल करें। गाने या कविता के जरिए पहाड़े सिखाएं। मोबाइल या टैबलेट में अच्छे गणित के गेम्स का भी इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन समय सीमित रखें।
- टीचर और स्कूल से संपर्क बनाएं. नियमित रूप से बच्चे के गणित टीचर से मिलें और उसकी प्रगति पर चर्चा करें। टीचर से पूछें कि घर में आप कैसे मदद कर सकते हैं। अगर जरूरत हो तो स्कूल में एक्सट्रा क्लास या ट्यूशन की व्यवस्था करें। कई स्कूलों में कमजोर बच्चों के लिए अलग से मदद मिलती है। बच्चे के दोस्तों के साथ ग्रुप स्टडी की व्यवस्था भी कर सकते हैं।
- आत्मविश्वास बढ़ाएं. बच्चे को हमेशा प्रोत्साहन दें और छोटी-छोटी सफलताओं की तारीफ करें। उसे बताएं कि गणित में कमजोर होना कोई शर्म की बात नहीं और मेहनत से सब कुछ सीखा जा सकता है। दूसरे बच्चों से तुलना न करें। बच्चे के अन्य गुणों की तारीफ करते रहें ताकि उसका आत्मविश्वास बना रहे। उसे समझाएं कि गलतियां करना सीखने का हिस्सा है।