पढ़ने में कमजोर बच्चे की कैसे मदद करें
पढ़ने में संघर्ष कर रहे बच्चे की मदद के लिए व्यावहारिक तरीके और सुझाव।
- पहले समस्या को समझें. बच्चा किस तरह की परेशानी झेल रहा है, इसे पहचानें। क्या वह अक्षरों को पहचानने में दिक्कत कर रहा है, शब्दों को जोड़ने में परेशानी है, या फिर तेज़ी से पढ़ने में समस्या है। उसकी पढ़ाई देखें और नोट करें कि वह कहाँ अटकता है। शिक्षक से बात करें और जानें कि स्कूल में उसका प्रदर्शन कैसा है।
- घर में पढ़ने का माहौल बनाएं. रोज़ाना एक निश्चित समय पढ़ने के लिए निकालें जब घर में शांति हो। बच्चे के लिए किताबों का एक कोना बनाएं जहाँ उसकी पसंदीदा किताबें हों। टीवी, मोबाइल और दूसरी चीज़ों से दूर एक शांत जगह चुनें। पढ़ने को मज़ेदार बनाने के लिए अलग-अलग आवाज़ों में पात्रों के संवाद बोलें।
- आसान से शुरू करें. बच्चे की उम्र से थोड़ी आसान किताबें चुनें ताकि वह सफलता का एहसास कर सके। बड़े अक्षरों वाली और कम शब्दों वाली किताबें लें। तस्वीरों की मदद से कहानी समझाएं। एक ही किताब को कई बार पढ़ने दें - दोहराव से बच्चे का आत्मविश्वास बढ़ता है।
- धैर्य रखें और प्रोत्साहन दें. जब बच्चा गलती करे तो उसे डांटें नहीं, बल्कि धीरे से सही करें। हर छोटी सफलता पर उसकी तारीफ़ करें। 'तुमने आज बहुत अच्छा पढ़ा' या 'इस शब्द को तुमने बिल्कुल सही पढ़ा' जैसे सकारात्मक शब्द कहें। दूसरे बच्चों से तुलना न करें। हर बच्चे की अपनी गति होती है।
- मज़ेदार तरीके अपनाएं. फ्लैश कार्ड्स बनाएं और खेल-खेल में शब्द सिखाएं। गाने और कविताओं की मदद से अक्षरों की आवाज़ सिखाएं। कहानी पढ़ने के बाद उसके बारे में बात करें। बच्चे को अपनी मनपसंद किताब चुनने दें। पढ़ाई के बाद कोई मज़ेदार गतिविधि करें ताकि पढ़ना एक खुशी की बात लगे।
- स्कूल के साथ मिलकर काम करें. शिक्षक से नियमित संपर्क बनाए रखें। घर और स्कूल में एक जैसे तरीके अपनाने की कोशिश करें। अगर स्कूल में कोई अतिरिक्त सहायता मिल रही है तो उसमें सहयोग करें। बच्चे की प्रगति के बारे में शिक्षक से हर महीने बात करें।