बच्चे की पढ़ाई में टालमटोल की आदत कैसे छुड़ाएं
जानें कि कैसे अपने बच्चे को स्कूल के काम को टालने की आदत छोड़ने में मदद करें।
- टालमटोल के कारणों को समझें. सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि बच्चा काम क्यों टालता है। कई बार डर, काम की कठिनाई, या फिर पूर्णता की चाह इसके कारण होते हैं। बच्चे से प्यार से बात करें और पूछें कि उसे क्या परेशानी है। कभी-कभी बच्चे को लगता है कि काम बहुत मुश्किल है या वो गलती कर देगा। इन भावनाओं को समझना और स्वीकार करना पहला कदम है।
- काम को छोटे हिस्सों में बांटें. बड़े और मुश्किल लगने वाले काम को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर आसान बनाएं। उदाहरण के लिए, अगर प्रोजेक्ट बनाना है तो पहले रिसर्च, फिर ड्राफ्ट, और आखिर में फाइनल वर्क करने को कहें। हर छोटे हिस्से के पूरा होने पर बच्चे की तारीफ करें। इससे बच्चे को लगेगा कि वो आगे बढ़ रहा है और काम इतना मुश्किल नहीं है।
- पढ़ाई का समय और जगह तय करें. घर में एक शांत और साफ जगह पढ़ाई के लिए तय करें जहां बच्चा बिना किसी परेशानी के काम कर सके। रोजाना एक ही समय पर पढ़ाई करने की आदत डलवाएं। मोबाइल, टीवी और दूसरी चीजों को पढ़ाई की जगह से दूर रखें। एक टाइमर लगाकर 25-30 मिनट पढ़ने और 5-10 मिनट आराम करने का नियम बनाएं।
- प्रेरणा और इनाम का सिस्टम बनाएं. बच्चे को समय पर काम पूरा करने के लिए प्रेरित करने के तरीके खोजें। छोटे-छोटे इनाम तय करें जैसे पसंदीदा खेल खेलना, फिल्म देखना या कुछ खास खाना। लेकिन याद रखें कि असली खुशी काम पूरा करने से मिलने वाली संतुष्टि में है। बच्चे को यह एहसास दिलाएं कि समय पर काम करने से कितना अच्छा महसूस होता है।
- सकारात्मक माहौल बनाएं. बच्चे को डांटने या तुलना करने से बचें क्योंकि इससे स्थिति और भी खराब हो सकती है। जब बच्चा कोशिश करे तो उसकी हिम्मत बढ़ाएं, भले ही परिणाम पूरी तरह सफल न हो। गलतियों को सीखने का हिस्सा मानकर बच्चे का हौसला बढ़ाएं। धैर्य रखें क्योंकि आदतों को बदलने में समय लगता है।