बच्चे से बिना लड़ाई-झगड़े के होमवर्क कैसे कराएं

बच्चों को खुशी से होमवर्क करने के लिए प्रेरित करने के आसान और प्रभावी तरीके।

  1. नियमित समय और जगह तय करें. हर दिन एक ही समय पर होमवर्क कराने की आदत डालें। घर में एक शांत जगह तय करें जहाँ बच्चा पढ़ाई कर सके। यह जगह टीवी, खेल या अन्य विकर्षणों से दूर होनी चाहिए। मेज़-कुर्सी बच्चे के हिसाब से सही ऊँचाई की हो। अच्छी रोशनी और ज़रूरी किताबें, पेन, पेंसिल सब पहले से ही रख दें।
  2. होमवर्क को छोटे हिस्सों में बाँटें. बड़ा होमवर्क देखकर बच्चा डर जाता है। पूरे काम को छोटे-छोटे भागों में बाँटें। जैसे पहले गणित के 5 सवाल, फिर 10 मिनट का ब्रेक, फिर हिंदी के शब्द। हर छोटा काम पूरा होने पर बच्चे की तारीफ़ करें। इससे बच्चे को लगता है कि काम आसान है और वह कर सकता है।
  3. सकारात्मक माहौल बनाएं. बच्चे को डाँटने-चिल्लाने की बजाय प्यार से समझाएं। गलतियों पर गुस्सा न करें, बल्कि धैर्य से सिखाएं। 'तुम बहुत अच्छा लिख रहे हो' जैसी बातें कहें। अगर बच्चा अटक जाए तो तुरंत मदद करें। होमवर्क का समय खुशी का समय बनाने की कोशिश करें, सज़ा का नहीं।
  4. इनाम और प्रेरणा का सही इस्तेमाल करें. छोटे-छोटे इनाम रखें जो बच्चे को पसंद हों। यह कुछ भी हो सकता है - स्टिकर, पसंदीदा खाना, अतिरिक्त खेल का समय, या पसंदीदा टीवी शो। लेकिन इनाम हर समय न दें, वरना बच्चा केवल इनाम के लिए काम करेगा। कोशिश करें कि बच्चा खुद की संतुष्टि के लिए काम करना सीखे।
  5. बच्चे को स्वतंत्रता दें. हर समय बच्चे के ऊपर मंडराते न रहें। उसे अपना काम खुद करने दें। अगर वह मदद माँगे तो दें, लेकिन पूरा होमवर्क आप न करें। बच्चे को समझाएं कि होमवर्क उसकी ज़िम्मेदारी है। धीरे-धीरे उसे अपने काम का समय खुद तय करने दें। इससे बच्चे में आत्मविश्वास और ज़िम्मेदारी की भावना आएगी।
  6. ब्रेक और आराम का महत्व समझें. लगातार पढ़ने से बच्चा थक जाता है और चिड़चिड़ाता है। हर 20-30 मिनट में छोटा ब्रेक दें। इस समय बच्चा पानी पी सकता है, थोड़ा टहल सकता है या स्ट्रेचिंग कर सकता है। स्कूल से आने के तुरंत बाद होमवर्क न कराएं। पहले बच्चे को थोड़ा आराम करने दें, कुछ खाने-पीने दें।