घर में पढ़ाई का कॉर्नर कैसे बनाएं जो काम आए

बच्चों के लिए एक बेहतरीन होमवर्क स्टेशन बनाने की पूरी गाइड जो एकाग्रता और पढ़ाई में मदद करे।

  1. सही जगह चुनें. घर में एक शांत कोना चुनें जहां शोर कम हो। यह जगह टीवी, किचन या मुख्य दरवाजे से दूर हो तो बेहतर है। अगर अलग कमरा नहीं है तो कमरे के एक कोने को परदे या बुकशेल्फ से अलग कर दें। जगह ऐसी हो जहां बच्चा आराम से बैठ सके और उसके सामान रखने की जगह भी हो।
  2. फर्नीचर और बैठने की व्यवस्था. बच्चे की उम्र और कद के अनुसार टेबल-कुर्सी चुनें। कुर्सी की ऊंचाई ऐसी हो कि बच्चे के पैर जमीन पर आराम से टिक जाएं। टेबल की ऊंचाई कोहनी के बराबर या थोड़ी नीची हो। अगर बजट कम है तो प्लास्टिक की टेबल-कुर्सी भी काम आएगी। बड़े बच्चों के लिए एडजस्टेबल कुर्सी लें जो समय के साथ बदली जा सके।
  3. रोशनी की व्यवस्था. अच्छी रोशनी बहुत जरूरी है। दिन में प्राकृतिक रोशनी का इस्तेमाल करें लेकिन धूप सीधी आंखों में न पड़े। शाम को अच्छी LED लाइट लगाएं। टेबल लैंप लगाना भी अच्छा विकल्प है। रोशनी बच्चे के बाएं तरफ से आनी चाहिए अगर वह दाहिने हाथ से लिखता है। लाइट की चमक न तो बहुत तेज हो न बहुत धीमी।
  4. जरूरी सामान का इंतजाम. सभी स्कूली सामान एक ही जगह रखें। पेन, पेंसिल, इरेजर, शार्पनर, स्केल के लिए एक पेंसिल स्टैंड रखें। किताबों के लिए छोटी शेल्फ या किताब रखने का स्टैंड लगाएं। कागज, नोटबुक के लिए अलग डिब्बा रखें। टाइमर, कैलकुलेटर जैसी चीजें भी पास में रखें। सामान को व्यवस्थित रखने के लिए छोटे डिब्बे या ट्रे का इस्तेमाल करें।
  5. भटकाव को कम करें. होमवर्क स्टेशन से सभी भटकाने वाली चीजें हटा दें। खिलौने, गेम्स, मोबाइल फोन यहां न रखें। दीवार पर केवल पढ़ाई से जुड़ी चीजें लगाएं जैसे कैलेंडर, टाइम टेबल, या प्रेरणादायक कोट्स। आसपास का माहौल साफ-सुथरा रखें। अगर घर में छोटे बच्चे हैं तो होमवर्क के समय उन्हें व्यस्त रखने का इंतजाम करें।
  6. व्यवस्था बनाए रखना. हर दिन होमवर्क खत्म करने के बाद सामान को सही जगह रखने की आदत डलवाएं। हफ्ते में एक बार पूरी जगह की सफाई करें। टूटी या खत्म हो गई चीजों को तुरंत बदलें। समय-समय पर देखें कि व्यवस्था काम कर रही है या नहीं। अगर बच्चा बड़ा हो रहा है तो जरूरत के अनुसार बदलाव करें।