परीक्षा की चिंता से परेशान बच्चे की कैसे सहायता करें
परीक्षा से डरने वाले बच्चों को सहारा देने के प्रभावी तरीके और व्यावहारिक सुझाव।
- बच्चे की चिंता को समझें. सबसे पहले अपने बच्चे की बात सुनें। उससे पूछें कि वह परीक्षा को लेकर कैसा महसूस करता है। उसकी चिंता के कारणों को समझने की कोशिश करें - क्या वह असफल होने से डरता है, या फिर आपकी अपेक्षाओं पर खरा न उतरने की चिंता है। बच्चे की भावनाओं को नकारें नहीं बल्कि उन्हें स्वीकार करें। उसे बताएं कि घबराना बिल्कुल सामान्य बात है और आप उसके साथ हैं।
- पढ़ाई की योजना बनाने में मदद करें. बच्चे के साथ मिलकर एक व्यवस्थित पढ़ाई की दिनचर्या बनाएं। विषयों को छोटे हिस्सों में बांटें और हर दिन थोड़ा-थोड़ा पढ़ने की आदत डालें। अंतिम समय में रटने से बचें। नियमित अंतराल पर छोटे ब्रेक लेना भी जरूरी है। पढ़ाई के लिए शांत और आरामदायक जगह का इंतजाम करें। बच्चे को दिखाएं कि तैयारी अच्छी होने पर चिंता अपने आप कम हो जाती है।
- आराम करने की तकनीकें सिखाएं. बच्चे को सांस लेने की सरल तकनीक सिखाएं - धीरे-धीरे गहरी सांस लें और छोड़ें। परीक्षा से पहले 5-10 मिनट शांत बैठकर मन को स्थिर करने की आदत डलवाएं। हल्के व्यायाम, टहलना या योग भी तनाव कम करने में सहायक हैं। अच्छी नींद और संतुलित खाना भी जरूरी है। बच्चे को सिखाएं कि परीक्षा के दौरान अगर घबराहट हो तो थोड़ी देर रुककर गहरी सांस लें।
- सकारात्मक माहौल बनाएं. घर में परीक्षा को लेकर तनावपूर्ण माहौल न बनने दें। बच्चे की छोटी-छोटी सफलताओं की सराहना करें। उसे याद दिलाएं कि आप उसे नंबरों के लिए नहीं बल्कि वो जो है उसके लिए प्यार करते हैं। दूसरे बच्चों से तुलना न करें। बच्चे को बताएं कि परीक्षा सिर्फ एक तरीका है जिससे वह अपनी सीखी हुई बातों को दिखा सकता है। असफलता को भी सीखने का अवसर मानने की सोच विकसित करें।
- परीक्षा के दिन सहायता करें. परीक्षा के दिन बच्चे को जल्दी उठाएं ताकि वह जल्दबाजी में न हो। पौष्टिक नाश्ता कराएं और पर्याप्त पानी पिलाएं। परीक्षा हॉल में जाने से पहले बच्चे को गले लगाएं और उत्साह बढ़ाने वाली बातें कहें। उसे समय का सही इस्तेमाल करने की याद दिलाएं - पहले आसान सवाल करें फिर कठिन वाले। परीक्षा के बाद तुरंत पूछताछ न करें बल्कि बच्चे को आराम करने दें।