भाई-बहनों के बीच एक्स्ट्राकरिक्यूलर एक्टिविटी कैसे बांटें

भाई-बहनों के बीच खेल, संगीत और अन्य गतिविधियों को न्यायसंगत तरीके से बांटने के व्यावहारिक तरीके।

  1. हर बच्चे की रुचि समझें. सबसे पहले हर बच्चे से अलग से बात करें और जानें कि उनकी क्या रुचियां हैं। छोटे बच्चे हमेशा अपनी पसंद स्पष्ट रूप से नहीं बता पाते, इसलिए उन्हें अलग-अलग गतिविधियों में थोड़ा-थोड़ा समय दें। जो चीज़ें वे खुशी से करते हैं, उन पर ध्यान दें। बड़े बच्चों से पूछें कि वे किस चीज़ में अच्छे बनना चाहते हैं। याद रखें कि जो आपको पसंद है, जरूरी नहीं कि वही आपके बच्चे को भी पसंद हो।
  2. बजट और समय की योजना बनाएं. महीने भर का हिसाब लगाएं कि एक्स्ट्राकरिक्यूलर एक्टिविटी पर कितना खर्च कर सकते हैं। इसमें फीस, ट्रांसपोर्ट, जरूरी सामान का खर्च शामिल करें। समय के लिए एक कैलेंडर बनाएं और देखें कि सप्ताह में कितने दिन और कितने घंटे इन गतिविधियों के लिए निकाल सकते हैं। स्कूल का होमवर्क, पारिवारिक समय और आराम के लिए भी वक्त रखना जरूरी है। अगर एक साथ सब कुछ संभव नहीं है तो प्राथमिकता तय करें।
  3. न्यायसंगत बंटवारा करें. यह जरूरी नहीं कि हर बच्चे को बिल्कुल एक जैसी चीज़ें मिलें, बल्कि हर एक को उसकी जरूरत के अनुसार मिले। अगर एक बच्चा डांस सीखना चाहता है और दूसरा क्रिकेट, तो दोनों की फीस अलग हो सकती है। ऐसे में समझाएं कि जरूरत के अनुसार बंटवारा हो रहा है। एक साथ सभी गतिविधियां शुरू न करें। पहले एक बच्चे की एक गतिविधि शुरू करें, फिर दूसरे बच्चे की। इससे आर्थिक दबाव कम रहेगा।
  4. सही विकल्प चुनें. कम बजट में ज्यादा फायदा उठाने के लिए कुछ स्मार्ट विकल्प अपनाएं। कम्युनिटी सेंटर, स्कूल की गतिविधियां या सरकारी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का इस्तेमाल करें। कुछ गतिविधियां घर पर भी सिखाई जा सकती हैं जैसे योगा, पेंटिंग या म्यूज़िक की बुनियादी बातें। ऑनलाइन क्लासेज भी एक अच्छा विकल्प हो सकता है। अगर पास में कोई अच्छा टीचर मिल जाए तो ग्रुप क्लास का विकल्प भी देखें।
  5. भाई-बहनों के बीच तालमेल बिठाएं. बच्चों को एक-दूसरे की गतिविधियों में दिलचस्पी लेने के लिए प्रेरित करें। एक की परफॉर्मेंस देखने दूसरे को भी ले जाएं। घर में एक-दूसरे को अपनी सीखी हुई चीज़ें दिखाने का मौका दें। कभी-कभी दोनों भाई-बहन एक ही गतिविधि में रुचि रख सकते हैं - इसे हतोत्साहित न करें। बल्कि इससे आपका खर्च और समय दोनों बच सकता है। हर बच्चे की उपलब्धि का जश्न मनाएं चाहे वह छोटी ही क्यों न हो।