पति-पत्नी के बीच बच्चों की देखभाल की जिम्मेदारी कैसे बांटें

पति-पत्नी के बीच बच्चों की देखभाल की जिम्मेदारियों को समान रूप से बांटने के प्रभावी तरीके।

  1. सबसे पहले खुली बातचीत करें. अपने जीवनसाथी के साथ बैठकर सभी जिम्मेदारियों की सूची बनाएं। इसमें दैनिक काम जैसे नहलाना-धुलाना, खाना खिलाना, स्कूल छोड़ना-लाना, होमवर्क कराना, डॉक्टर के पास ले जाना शामिल करें। साथ ही हफ्ते के विशेष काम जैसे कपड़े धोना, खिलौने साफ करना भी लिखें। इस दौरान दोनों अपनी मुश्किलों और पसंद-नापसंद के बारे में खुलकर बात करें।
  2. हर व्यक्ति की ताकत को समझें. हर इंसान की अलग खूबियां होती हैं। कोई सुबह जल्दी उठने में अच्छा है तो कोई रात को बच्चों को सुलाने में माहिर है। कोई खाना बनाने में तेज है तो कोई बच्चों के साथ खेलने में बेहतर है। अपनी और अपने साथी की इन खूबियों को पहचानकर काम बांटें। इससे काम आसानी से होगा और किसी पर ज्यादा बोझ नहीं पड़ेगा।
  3. स्पष्ट कार्यक्रम बनाएं. एक साफ टाइम टेबल बनाएं जिसमें लिखा हो कि कौन क्या काम करेगा। जैसे - सोमवार को पापा बच्चों को स्कूल छोड़ेंगे और मम्मी लेने जाएंगी, मंगलवार को इसका उल्टा होगा। इस कार्यक्रम को घर में कहीं लगा दें ताकि दोनों को दिखे। हर हफ्ते इसे देखकर जरूरत के हिसाब से बदलाव करें।
  4. आपातकाल की तैयारी करें. कभी-कभी अचानक काम आ जाता है या कोई बीमार पड़ जाता है। ऐसी स्थिति के लिए पहले से प्लान बना लें। पास-पड़ोस में भरोसेमंद रिश्तेदार या दोस्त की संपर्क जानकारी रखें। आपातकाल में कौन क्या करेगा, यह तय कर लें। बच्चे के स्कूल में दोनों माता-पिता की संपर्क जानकारी दे दें।
  5. एक-दूसरे की मदद करें. काम का बंटवारा मतलब यह नहीं कि हर व्यक्ति अकेले काम करे। जब जरूरत हो तो एक-दूसरे की मदद करें। अगर कोई थका हुआ है या परेशान है तो दूसरा आगे आकर सहारा दे। इससे रिश्ते में प्रेम बना रहता है और बच्चों को भी टीम वर्क का महत्व समझ आता है।
  6. नियमित समीक्षा करते रहें. महीने में एक बार बैठकर देखें कि कार्यक्रम कैसा चल रहा है। क्या कोई समस्या आ रही है? क्या कुछ बदलने की जरूरت है? बच्चों के बड़े होने के साथ उनकी जरूरतें भी बदलती रहती हैं, इसलिए कार्यक्रम में भी बदलाव करना पड़ सकता है। खुले मन से एक-दूसरे की बात सुनें और समाधान निकालें।