बच्चों का कमरा कैसे सजाएं जो सभी को पसंद आए

अलग उम्र के बच्चों के लिए एक साझा कमरा बनाने की व्यावहारिक गाइड जो सबकी जरूरतों को पूरा करे।

  1. कमरे की योजना बनाएं. सबसे पहले बच्चों के साथ बैठकर बात करें कि वे अपने कमरे में क्या चाहते हैं। हर बच्चे की राय लें और एक कागज़ पर लिखें। कमरे को तीन हिस्सों में बांटें - सोने की जगह, खेलने की जगह और पढ़ने-लिखने की जगह। अगर बच्चे छोटे हैं तो खेल की जगह ज्यादा रखें, बड़े हैं तो पढ़ाई की जगह को प्राथमिकता दें। दीवारों का रंग न्यूट्रल रखें जैसे सफेद, हल्का नीला या हल्का हरा ताकि सभी को पसंद आए।
  2. फर्नीचर चुनें जो सबके काम आए. बंक बेड एक अच्छा विकल्प है अगर कमरा छोटा है और दो बच्चे हैं। अलमारी में हर बच्चे के लिए अलग शेल्फ या सेक्शन बनाएं और उन पर नाम लिखे स्टीकर लगाएं। खिलौनों के लिए बड़े डिब्बे या कंटेनर रखें जिनमें आसानी से सामान रखा जा सके। पढ़ाई के लिए अगर जगह है तो अलग-अलग टेबल रखें, नहीं तो एक बड़ी टेबल जिस पर दोनों बैठ सकें। कुर्सियों की ऊंचाई एडजस्ट होने वाली लें ताकि बच्चों के बड़े होने पर भी काम आएं।
  3. निजी स्थान बनाएं. हर बच्चे को अपनी निजी जगह की जरूरत होती है। बेड के पास एक छोटी टेबल या शेल्फ रखें जहां वे अपने खास सामान रख सकें। दीवार पर हर बच्चे के लिए अलग कॉर्क बोर्ड या मैग्नेटिक बोर्ड लगाएं जहां वे अपनी फोटो, ड्रॉइंग या सर्टिफिकेट लगा सकें। अगर कमरा बड़ा है तो परदे या फोल्डिंग स्क्रीन से छोटे-छोटे प्राइवेट कॉर्नर बनाएं। हर बच्चे को अपना अलग कलर दें - जैसे एक को नीला, दूसरे को गुलाबी, ताकि वे अपना सामान आसानी से पहचान सकें।
  4. सुरक्षा का ध्यान रखें. सभी फर्नीचर को दीवार से अच्छी तरह फिक्स करें ताकि वे गिरने का खतरा न हो। तेज़ कोनों पर कॉर्नर गार्ड लगाएं। इलेक्ट्रिकल पॉइंट्स को बच्चों की पहुंच से दूर रखें या सेफ्टी प्लग का इस्तेमाल करें। खिलौनों और किताबों के लिए नीची शेल्फ रखें ताकि बच्चे सुरक्षित तरीके से अपना सामान निकाल सकें। कमरे में पर्याप्त रोशनी का इंतज़ाम करें - दिन में प्राकृतिक रोशनी और रात के लिए अच्छी लाइटिंग।
  5. भंडारण की व्यवस्था करें. बच्चों के बहुत सारे सामान होते हैं इसलिए स्टोरेज की अच्छी व्यवस्था जरूरी है। बेड के नीचे वाली जगह का इस्तेमाल करें - यहां बड़े डिब्बे रख सकते हैं। दीवार पर हुक्स लगाएं जहां स्कूल बैग, जैकेट या हैट टांग सकें। किताबों के लिए अलग शेल्फ रखें और खिलौनों के लिए अलग। लेबल का इस्तेमाल करें ताकि हर चीज़ अपनी जगह पर रहे। छोटे सामान के लिए ड्रॉअर डिवाइडर का इस्तेमाल करें।
  6. खेल और मनोरंजन की जगह. फर्श पर एक मुलायम कारपेट या प्ले मैट बिछाएं जहां बच्चे बैठकर खेल सकें। अगर जगह है तो एक छोटा टेंट या रीडिंग कॉर्नर बनाएं। दीवार पर एक छोटा व्हाइटबोर्ड या ब्लैकबोर्ड लगाएं जहां बच्चे ड्रॉइंग या लिखने का अभ्यास कर सकें। बीन बैग्स रखें जो आरामदायक हों और जगह भी कम घेरें। खिलौने ऐसे चुनें जो सभी उम्र के बच्चे साझा कर सकें जैसे लेगो, पजल्स या बोर्ड गेम्स।