जन्मदिन के बाद खिलौनों के ढेर को कैसे संभालें
जन्मदिन के बाद घर में फैले खिलौनों को व्यवस्थित करने और बच्चों को सिखाने के आसान तरीके।
- तुरंत सफाई और छंटाई करें. पार्टी के तुरंत बाद सभी खिलौनों को एक जगह इकट्ठा करें। बच्चे के साथ बैठकर हर खिलौने को देखें और उसकी जांच करें कि वह सही हालत में है या नहीं। टूटे या अधूरे खिलौनों को अलग कर दें। समान तरह के खिलौनों को एक साथ रखें जैसे - सभी गुड़िया, सभी कारें, सभी पहेलियां। यह काम बच्चे के साथ मिलकर करें ताकि वे भी सीखें कि चीजों को कैसे व्यवस्थित रखा जाता है।
- पुराने खिलौनों की समीक्षा करें. नए खिलौने आने पर यह सही समय है पुराने खिलौनों को देखने का। बच्चे के साथ बैठकर तय करें कि कौन से पुराने खिलौने अब वे नहीं चाहते। जो खिलौने अच्छी हालत में हैं लेकिन अब इस्तेमाल नहीं होते, उन्हें दान कर दें या किसी छोटे बच्चे को दे दें। इससे घर में जगह भी बनेगी और बच्चे को साझा करने की सीख भी मिलेगी। हमेशा बच्चे की सहमति से यह काम करें, जबरदस्ती न करें।
- व्यवस्थित भंडारण बनाएं. हर तरह के खिलौने के लिए अलग डिब्बे या बास्केट रखें। बड़े डिब्बों पर लेबल लगाएं या तस्वीर चिपकाएं ताकि बच्चा आसानी से समझ सके कि क्या कहां रखना है। छोटे खिलौनों के लिए छोटे डिब्बे और बड़े खिलौनों के लिए अलग जगह बनाएं। किताबों के लिए अलग शेल्फ रखें। प्ले एरिया में सब कुछ आसानी से पहुंच में रखें लेकिन व्यवस्थित तरीके से। रंग-बिरंगे बक्से या बास्केट का इस्तेमाल करें जो देखने में भी अच्छे लगें।
- रोज की सफाई की आदत डालें. बच्चे को सिखाएं कि खेलने के बाद खिलौने अपनी जगह वापस रखने चाहिए। शुरुआत में उनकी मदद करें और धीरे-धीरे यह उनकी आदत बना दें। सोने से पहले 10-15 मिनट सफाई का समय रखें जब सारा परिवार मिलकर चीजों को अपनी जगह रखे। इसे खेल की तरह बनाएं, न कि सजा की तरह। अच्छी तरह सफाई करने पर बच्चे की तारीफ करें। संगीत बजाकर या गिनती करके इस काम को मजेदार बनाया जा सकता है।
- रोटेशन सिस्टम अपनाएं. सभी खिलौने एक साथ न निकालें। कुछ खिलौनों को बक्सों में बंद करके रख दें और हर हफ्ते या दो हफ्ते में बदलते रहें। इससे बच्चे को लगेगा कि उसके पास नए खिलौने आ रहे हैं और वह हर खिलौने को बेहतर तरीके से खेलेगा। ज्यादा खिलौने होने से बच्चे परेशान हो जाते हैं और कुछ भी ठीक से नहीं खेल पाते। रोटेशन से खिलौने भी ज्यादा दिन तक अच्छे रहते हैं क्योंकि इस्तेमाल कम होता है।