बच्चों के साथ जेट लैग को कैसे संभालें
बच्चों के जेट लैग को कम करने के लिए व्यावहारिक तरीके और सुझाव जो परिवार की यात्रा को आसान बनाते हैं।
- यात्रा से पहले की तैयारी. यात्रा से 3-4 दिन पहले से ही बच्चों का सोने-जागने का समय धीरे-धीरे बदलना शुरू करें। अगर आप पूर्व की ओर जा रहे हैं तो रोज 15-30 मिनट जल्दी सुलाएं, और पश्चिम की ओर जा रहे हैं तो देर से सुलाएं। सफर के दिन बच्चों को हल्का खाना दें और पर्याप्त पानी पिलाएं। हवाई जहाज में उनके पसंदीदा खिलौने, किताबें या गेम्स रखें ताकि वे व्यस्त रहें।
- हवाई जहाज में बच्चों की देखभाल. उड़ान के दौरान बच्चों को हर घंटे थोड़ा पानी दें और कैफीन वाली चीजों से बचें। अगर संभव हो तो उन्हें गंतव्य के समय के अनुसार सोने की कोशिश करवाएं। टेकऑफ़ और लैंडिंग के समय छोटे बच्चों को दूध पिलाएं या कुछ चबाने को दें ताकि उनके कानों में दबाव न बने। केबिन में चलने-फिरने दें ताकि वे बेचैन न हों।
- मंजिल पर पहुंचने के बाद. पहुंचते ही अपनी घड़ी और फोन का समय बदल लें और तुरंत नए समय के अनुसार काम करना शुरू करें। दिन में पहुंचे हैं तो बच्चों को धूप में ले जाएं और रात तक जगाने की कोशिश करें। रात में पहुंचे हैं तो लाइट कम करके सोने की कोशिश करें। पहले दिन बहुत भारी खाना न दें और ज्यादा गतिविधियों की योजना न बनाएं। बच्चों को समझाएं कि यह सामान्य है और कुछ दिनों में ठीक हो जाएगा।
- नई दिनचर्या बनाना. नए समय क्षेत्र के अनुसार खाने, सोने और खेलने का समय निर्धारित करें। सुबह जल्दी धूप में ले जाएं और शाम को रोशनी कम करना शुरू कर दें। मेलाटोनिन के उत्पादन के लिए दिन में प्राकृतिक रोशनी और रात में अंधेरा जरूरी है। 3-5 दिन तक यह दिनचर्या बनाए रखें। बच्चे अगर दिन में सो जाएं तो 20-30 मिनट से ज्यादा न सोने दें।
- आम समस्याओं का समाधान. बच्चे चिड़चिड़ाहट, भूख न लगना, या अजीब समय पर जागना जैसी समस्याएं दिखा सकते हैं। इसके लिए धैर्य रखें और उन्हें ज्यादा प्यार और सहारा दें। देर रात भूख लगे तो हल्का नाश्ता दें लेकिन भारी खाना न दें। दिन में अगर बहुत नींद आ रही हो तो उन्हें कोई दिलचस्प काम में व्यस्त रखें। पानी खूब पिलाएं और सुगर या कैफीन से बचें।