पारिवारिक दिवालिया होने की स्थिति से कैसे निपटें
पारिवारिक दिवालिया होने पर बच्चों से बात करने और इस मुश्किल दौर से गुजरने के व्यावहारिक तरीके।
- सबसे पहले अपनी भावनाओं को संभालें. दिवालिया होने की खबर के बाद गुस्सा, शर्म और डर महसूस करना बिल्कुल सामान्य है। अपने साथी के साथ इन भावनाओं पर खुलकर बात करें। बच्चों के सामने अपना गुस्सा या निराशा न दिखाएं। अगर आप शांत रहेंगे तो बच्चे भी सुरक्षित महसूस करेंगे। ज़रूरत हो तो किसी करीबी दोस्त या परिवारजन से मदद लें।
- बच्चों को उनकी उम्र के हिसाब से समझाएं. छोटे बच्चों को सरल भाषा में बताएं कि कुछ समय के लिए पैसों की कमी है लेकिन परिवार साथ है। बड़े बच्चों को थोड़ा विस्तार से समझाएं कि यह स्थिति अस्थायी है और सभी मिलकर इससे निकलेंगे। किसी को भी दोष न दें और बच्चों को यकीन दिलाएं कि यह उनकी गलती नहीं है। बच्चों के सवालों का धैर्य से जवाब दें।
- घर में नई दिनचर्या बनाएं. खर्चे कम करने के लिए घर पर खाना बनाना शुरू करें। बाहर खाना कम करें। महंगे मनोरंजन की जगह घर पर फिल्म देखना या पार्क में जाना जैसी सस्ती गतिविधियां करें। बच्चों को बचत के नए तरीके सिखाएं जैसे रोशनी बंद करना या पानी की बचत। इसे खेल की तरह मज़ेदार बनाएं ताकि बच्चे इसे सज़ा न समझें।
- ज़रूरी कागजात और कानूनी कार्रवाई. किसी अच्छे वकील या वित्तीय सलाहकार से मिलें। सभी क़र्ज़ों, संपत्ति और आय की पूरी जानकारी इकट्ठी करें। बैंक और क़र्ज़दाताओं से संपर्क करके स्थिति के बारे में बताएं। दिवालिया होने की पूरी प्रक्रिया को समझें। सभी कानूनी कागजात सुरक्षित रखें। अदालत की सभी तारीखों पर समय से पहुंचें।
- मानसिक स्वास्थ्य का ख्याल रखें. तनाव कम करने के लिए रोज़ाना व्यायाम करें या टहलने जाएं। पर्याप्त नींद लें और संतुलित खाना खाएं। परिवार के साथ समय बिताएं और एक-दूसरे का साथ दें। अगर बच्चे या आप बहुत परेशान हैं तो मनोवैज्ञानिक की मदद लें। अकेलेपन से बचने के लिए दोस्तों और रिश्तेदारों से मिलते रहें।
- भविष्य की योजना बनाएं. नई नौकरी या आय के अन्य स्रोत खोजें। अपने कौशल को बढ़ाने के लिए कोई कोर्स या ट्रेनिंग लें। बचत की आदत डालें, चाहे शुरुआत में राशि कम ही हो। बजट बनाना सीखें और हर खर्च पर ध्यान दें। बच्चों को भी पैसे के महत्व और बचत के बारे में सिखाएं। धीरे-धीरे अपनी वित्तीय स्थिति सुधारने के लक्ष्य बनाएं।