माता-पिता के बीच बच्चों की गतिविधियों की जिम्मेदारी कैसे बांटें
माता-पिता के बीच बच्चों के खेल, पढ़ाई और अन्य गतिविधियों की जिम्मेदारी को संतुलित तरीके से बांटने का व्यावहारिक गाइड।
- पहले अपनी स्थिति को समझें. सबसे पहले बैठकर यह देखें कि फिलहाल कौन क्या कर रहा है। एक हफ्ते तक नोट करें कि कौन बच्चे को स्कूल छोड़ता है, होमवर्क में मदद करता है, खेल के लिए ले जाता है या डॉक्टर के पास ले जाता है। इससे आपको पता चलेगा कि जिम्मेदारी कहां असंतुलित है। दोनों के काम के समय, यात्रा का वक्त और अन्य जिम्मेदारियों को भी ध्यान में रखें।
- खुली बातचीत करें. बच्चों के सामने नहीं बल्कि शांत माहौल में बैठकर इस विषय पर बात करें। दोनों को अपनी परेशानी और चुनौतियां साझा करनी चाहिए। यह न सोचें कि दूसरा पार्टनर अपने आप समझ जाएगा। साफ-साफ बताएं कि आपको किस चीज़ में मदद चाहिए। एक-दूसरे को दोष देने के बजाय समाधान पर फोकस करें।
- ताकत और रुचि के आधार पर बांटें. देखें कि कौन किस काम में बेहतर है या किसे कौन सा काम पसंद है। अगर एक को गणित पढ़ाना अच्छा लगता है तो वह होमवर्क संभाले, दूसरा खेल और बाहरी गतिविधियां देख सकता है। कुछ बच्चे किसी खास पैरेंट के साथ कोई काम करना पसंद करते हैं - इसे भी ध्यान में रखें। लेकिन ध्यान रखें कि कोई एक व्यक्ति पर सारा बोझ न पड़े।
- समय सारणी बनाएं. एक साप्ताहिक या मासिक चार्ट बनाएं जिसमें साफ लिखा हो कि कौन कब क्या करेगा। इसमें स्कूल ड्रॉप-पिकअप, ट्यूशन ले जाना, डॉक्टर की अपॉइंटमेंट, खेल प्रैक्टिस आदि शामिल करें। इस चार्ट को कहीं ऐसी जगह लगाएं जहां दोनों देख सकें। महीने की शुरुआत में अगले महीने की प्लानिंग कर लें ताकि कोई कन्फ्यूज़न न हो।
- बैकअप प्लान रखें. हमेशा एक वैकल्पिक योजना तैयार रखें। अगर किसी को अचानक ऑफिस का काम आ जाए या कोई बीमार हो जाए तो दूसरा तुरंत संभाल सके। दादा-दादी, नाना-नानी या भरोसेमंद रिश्तेदारों की मदद भी ली जा सकती है। कार-पूल की व्यवस्था भी एक अच्छा विकल्प है जहां अन्य माता-पिता के साथ मिलकर जिम्मेदारी साझा कर सकते हैं।
- नियमित समीक्षा करें. हर महीने बैठकर देखें कि यह व्यवस्था कैसी चल रही है। क्या कोई बहुत ज्यादा परेशान हो रहा है? क्या बच्चे खुश हैं? क्या कुछ बदलने की जरूरत है? बच्चों की उम्र के साथ उनकी जरूरतें भी बदलती रहती हैं, इसलिए जिम्मेदारी का बंटवारा भी समय के साथ बदलना पड़ सकता है। लचीलेपन को बनाए रखें।