सप्ताह की शामों में पारिवारिक अफरा-तफरी कैसे कम करें

सप्ताह की व्यस्त शामों को शांत और व्यवस्थित बनाने के लिए व्यावहारिक तरीके सीखें।

  1. शाम की दिनचर्या की योजना बनाएं. एक स्पष्ट दिनचर्या बनाना सबसे पहला कदम है। 4 बजे से 8 बजे तक का समय लिखकर रखें कि क्या होगा - स्नैक्स, होमवर्क, खेल का समय, खाना, नहाना। बच्चों को भी बताएं कि क्या होने वाला है। इससे उन्हें पता रहेगा कि अगला क्या आने वाला है और वे तैयार रहेंगे। दिनचर्या को घर की दीवार पर लगाएं ताकि सभी देख सकें।
  2. खाने की तैयारी सुबह या रविवार को करें. शाम का खाना दिन की सबसे बड़ी चुनौती होती है। सब्जियां काटना, दाल धोना, चावल भिगोना - ये सब काम सुबह या रात को पहले से कर लें। रविवार को पूरे सप्ताह का मेन्यू बना लें और जो भी हो सके, तैयार कर लें। धुली दाल को फ्रीज करें, सब्जी काटकर रख दें। इससे शाम को सिर्फ पकाना रह जाएगा।
  3. बच्चों को जिम्मेदारी दें. उम्र के अनुसार बच्चों को छोटे-छोटे काम दें। 3-4 साल के बच्चे अपने जूते रख सकते हैं, पानी की बोतल भर सकते हैं। 6-8 साल के बच्चे स्कूल बैग तैयार कर सकते हैं, टेबल लगाने में मदद कर सकते हैं। बड़े बच्चे खाना परोसने, कपड़े तह करने में मदद कर सकते हैं। इससे आपका काम कम होगा और बच्चे भी व्यस्त रहेंगे।
  4. टेक्नोलॉजी का समय तय करें. TV और मोबाइल का समय पहले से तय कर लें। जैसे होमवर्क के बाद 30 मिनट TV या खाना खाते समय कार्टून। इससे बच्चे बार-बार मांगेंगे नहीं और आप भी परेशान नहीं होंगे। स्क्रीन का समय खत्म होने से 10 मिनट पहले बताएं ताकि वे तैयार हो जाएं।
  5. तैयारी रात को करें. अगली सुबह की तैयारी रात को ही कर लें। कपड़े निकाल कर रख दें, स्कूल बैग चेक कर लें, लंच बॉक्स धो कर रख दें। खुद के लिए भी कपड़े और जरूरी सामान रख लें। इससे सुबह की भागदौड़ कम होगी और दिन अच्छा शुरू होगा।
  6. लचीलापन रखें. कभी-कभी दिनचर्या में बदलाव होना सामान्य है। अगर कोई दिन अच्छा नहीं जा रहा तो परेशान न हों। जरूरी चीजों को प्राथमिकता दें - खाना, नहाना, सोना। बाकी चीजें छोड़ी भी जा सकती हैं। परफेक्ट होने की कोशिश में तनाव न लें।