परिवार के लिए कुत्ता कैसे चुनें

अपने परिवार के लिए सही कुत्ता चुनने के लिए व्यावहारिक सुझाव और महत्वपूर्ण बातें।

  1. अपनी जीवनशैली को समझें. सबसे पहले ईमानदारी से सोचें कि आपके पास रोज कितना समय है। कुछ नस्लें ज्यादा व्यायाम चाहती हैं, जबकि कुछ शांत होती हैं। अगर आप काम में व्यस्त रहते हैं तो छोटी या मध्यम साइज की शांत नस्ल चुनें। अगर आप सक्रिय हैं और रोज टहलने जाते हैं, तो ज्यादा एनर्जी वाली नस्ल सही रहेगी। आपकी आर्थिक स्थिति भी महत्वपूर्ण है - कुत्ते का खाना, टीकाकरण, और डॉक्टर के खर्च के लिए तैयार रहें।
  2. घर का साइज और माहौल देखें. अगर आपका घर छोटा है या फ्लैट में रहते हैं तो छोटी नस्ल चुनें जैसे पग, बीगल या कॉकर स्पैनियल। बड़े घर में गार्डन है तो बड़ी नस्लें जैसे गोल्डन रिट्रीवर या लैब्राडोर अच्छी रहेंगी। शोर-गुल वाली जगह पर रहते हैं तो शांत स्वभाव वाली नस्ल लें। पड़ोसियों का ख्याल भी रखें - कुछ कुत्ते ज्यादा भौंकते हैं।
  3. बच्चों के साथ बेहतरीन नस्लें. बच्चों के साथ रहने के लिए लैब्राडोर, गोल्डन रिट्रीवर, बीगल और पग सबसे अच्छी मानी जाती हैं। ये धैर्यवान, मिलनसार और प्रशिक्षित करने में आसान होती हैं। अगर बहुत छोटे बच्चे हैं तो बहुत छोटी नस्ल न लें - वे नाजुक होते हैं और गलती से चोट लग सकती है। भारतीय नस्लों में इंडियन पैरिया डॉग और राजापालयम भी बच्चों के साथ अच्छे हैं और यहाँ के मौसम के लिए उपयुक्त हैं।
  4. देसी या विदेशी नस्ल का चुनाव. भारतीय मौसम के लिए देसी नस्लें सबसे उपयुक्त हैं। इंडियन पैरिया डॉग, चिप्पिपराई, कोम्बाई जैसी नस्लें स्वस्थ रहती हैं और कम बीमार पड़ती हैं। विदेशी नस्लों को एयर कंडीशनिंग, खास खाना और ज्यादा देखभाल चाहिए। अगर विदेशी नस्ल ही चाहिए तो पहले पता करें कि वो भारतीय जलवायु के लिए उपयुक्त है या नहीं।
  5. कुत्ता कहाँ से लें. सबसे पहले एनिमल शेल्टर या एडॉप्शन सेंटर देखें - यहाँ आपको प्यारे कुत्ते मिलेंगे जिन्हें घर की जरूरत है। अगर ब्रीडर से लेते हैं तो रजिस्टर्ड और भरोसेमंद ब्रीडर चुनें। कुत्ते के माता-पिता को जरूर देखें और उनकी स्वास्थ्य रिपोर्ट माँगें। पेट शॉप से बचें क्योंकि वहाँ अक्सर पप्पी मिल्स से कुत्ते आते हैं जो अस्वस्थ हो सकते हैं।
  6. पप्पी या वयस्क कुत्ता. पप्पी खरीदने का मतलब है महीनों की मेहनत - ट्रेनिंग, हाउसब्रेकिंग और लगातार देखभाल। अगर आपके पास समय है और बच्चे पप्पी के साथ बड़े होना चाहते हैं तो यह अच्छा विकल्प है। वयस्क कुत्ते में स्वभाव पहले से तय होता है, कम ट्रेनिंग चाहिए और तुरंत परिवार का हिस्सा बन जाते हैं। पहली बार कुत्ता पालने वालों के लिए 1-2 साल का कुत्ता बेहतर रहता है।