बीमार बच्चे को डॉक्टर के पास कब ले जाना चाहिए - माता-पिता के लिए गाइड

जानें कि आपके बीमार बच्चे को तुरंत डॉक्टर की जरूरत कब होती है और किन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

  1. तुरंत डॉक्टर के पास ले जाने वाले लक्षण. कुछ लक्षण ऐसे होते हैं जिन्हें देखते ही तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए। तेज बुखार (102°F या 39°C से ज्यादा), सांस लेने में परेशानी, लगातार उल्टी, पेट में तेज दर्द, या बच्चा बहुत सुस्त लग रहा हो तो देर न करें। अगर बच्चा रो रहा है लेकिन आंसू नहीं आ रहे, या उसकी आंखें धंसी हुई लग रही हैं तो यह डिहाइड्रेशन का संकेत हो सकता है। किसी भी तरह के दाने जो तेजी से फैल रहे हों या बुखार के साथ आए हों, वे भी चिकित्सा सहायता की मांग करते हैं।
  2. 24-48 घंटे में डॉक्टर दिखाने वाले लक्षण. कुछ लक्षण तुरंत खतरनाक नहीं होते लेकिन अगर 1-2 दिन में ठीक न हों तो डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। हल्का बुखार जो 3 दिन से ज्यादा रहे, खांसी जो रात में नींद न आने दे, कान में दर्द, गले में खराश जो निगलने में परेशानी करे, या दस्त जो 2 दिन से ज्यादा हो। अगर बच्चा सामान्य से कम खा-पी रहा है या खेलने में मन नहीं लगा रहा तो भी सावधान रहें। आंखों से पानी आना या नाक से लगातार पानी निकलना भी ध्यान देने वाली बातें हैं।
  3. घर पर देखभाल वाले मामूली लक्षण. हल्की सर्दी-जुकाम, 100°F से कम बुखार, हल्की खांसी जो बच्चे की नींद में बाधा न डाले, या छोटे-मोटे स्क्रैच और कट्स का घर पर ही इलाज किया जा सकता है। इन स्थितियों में भरपूर आराम, तरल पदार्थ, और प्यार भरी देखभाल काफी होती है। हमेशा बच्चे की हालत पर नजर रखें और अगर कोई लक्षण बिगड़ता जाए तो डॉक्टर से संपर्क करने में देर न करें। यहां तक कि मामूली लगने वाले लक्षण भी अगर लंबे समय तक रहें तो चिकित्सक की सलाह लेना बेहतर होता है।
  4. डॉक्टर से कब फोन पर बात करें. अगर आप कन्फ्यूज हैं कि डॉक्टर के पास जाना है या नहीं, तो पहले फोन पर बात करना एक अच्छा विकल्प है। ज्यादातर बाल रोग विशेषज्ञ फोन पर सलाह देते हैं। बच्चे के लक्षण, बुखार की मात्रा, कब से परेशानी है, और बच्चा कैसा व्यवहार कर रहा है - यह सब जानकारी तैयार रखें। डॉक्टर आपको बता देंगे कि तुरंत आना है, कुछ घंटे इंतजार करना है, या घर पर ही देखभाल काफी है। रात के समय भी झिझकें नहीं - अपने डॉक्टर का इमरजेंसी नंबर हमेशा अपने पास रखें।