डॉक्टर के डर से घबराने वाले बच्चे को कैसे संभालें

बच्चे के डॉक्टर के डर को कम करने के लिए व्यावहारिक तरीके और सुझाव।

  1. घर पर तैयारी करें. डॉक्टर के पास जाने से पहले अपने बच्चे को मानसिक रूप से तैयार करें। उन्हें सरल भाषा में बताएं कि डॉक्टर उनकी सेहत का ख्याल रखने के लिए कुछ जांच करेंगे। डॉक्टर के खेल खेलें - आप मरीज बनें और बच्चे को डॉक्टर बनने दें। खिलौने के स्टेथोस्कोप से टेडी बियर या गुड़िया की जांच कराएं। डॉक्टर की विजिट के बारे में अच्छी किताबें पढ़ें जो दिखाती हों कि डॉक्टर दोस्त होते हैं।
  2. ईमानदार और सकारात्मक रहें. अपने बच्चे से झूठ न बोलें या उनके डर को नकारें नहीं। अगर कोई प्रक्रिया में थोड़ी तकलीफ हो सकती है तो उन्हें पहले से बता दें कि 'थोड़ा सा चुभेगा लेकिन जल्दी खत्म हो जाएगा'। डॉक्टर के बारे में डराने वाली बातें न करें। बल्कि बताएं कि डॉक्टर उनको स्वस्थ और मजबूत रखने में मदद करते हैं। अपनी चिंता को बच्चे के सामने न दिखाएं क्योंकि वे आपकी भावनाओं को समझ जाते हैं।
  3. क्लिनिक में शांत रहें. अपने बच्चे के पसंदीदा खिलौने या आराम देने वाली चीज़ साथ लेकर जाएं। प्रतीक्षा के दौरान उन्हें व्यस्त रखने के लिए किताबें, रंग भरने की किताब या छोटे खेल ले जाएं। बच्चे को अपनी गोद में बैठाएं या हाथ पकड़कर रखें। डॉक्टर से मिलवाते समय पहले खुद नमस्कार करें ताकि बच्चा समझ जाए कि डॉक्टर अच्छे व्यक्ति हैं। बच्चे के अच्छे व्यवहार की तारीफ करते रहें।
  4. जांच के दौरान सहारा दें. जांच के दौरान बच्चे के पास रहें और उनसे बात करते रहें। उन्हें बताएं कि क्या हो रहा है - 'डॉक्टर आंटी आपके दिल की धड़कन सुन रही हैं' या 'अब वे आपकी आंखों की जांच करेंगे'। गहरी सांस लेने का अभ्यास कराएं या गिनती करने को कहें। अगर बच्चा रोए तो उन्हें डांटें नहीं, बल्कि समझाएं कि रोना ठीक है। डॉक्टर से कहें कि वे धीरे-धीरे और समझाते हुए जांच करें।
  5. विजिट के बाद सकारात्मक अनुभव बनाएं. डॉक्टर की विजिट के बाद अपने बच्चे की बहादुरी की तारीफ करें, भले ही वे रोए हों। उन्हें कुछ खास करने दें जो उन्हें पसंद हो - पार्क जाना, पसंदीदा खाना खाना या कोई मज़ेदार गतिविधि। अगली बार के लिए इस अच्छे अनुभव को याद दिलाएं। घर जाकर परिवार के सदस्यों को बताएं कि आपका बच्चा कितना बहादुर था। इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा।