तीन साल के बच्चे के फाइन मोटर स्किल्स कैसे बढ़ाएं
तीन साल के बच्चे की छोटी मांसपेशियों और हाथों की कुशलता विकसित करने के आसान तरीके।
- रोज की गतिविधियों से अभ्यास. खाना खाते समय चम्मच और कांटा इस्तेमाल करने दें। कपड़े पहनते समय बड़े बटन लगाना सिखाएं। जूतों में वेल्क्रो वाली पट्टी खुद लगाने दें। पानी की बोतल खुद खोलने-बंद करने का अभ्यास कराएं। इन छोटी-छोटी गतिविधियों से हाथों की मजबूती बढ़ती है।
- क्रिएटिव एक्टिविटीज. मोटे क्रेयॉन्स से रंग भरना सिखाएं। प्ले-डो या आटे से छोटे आकार बनाने दें। कागज फाड़कर कोलाज बनाना सिखाएं। स्टिकर्स छीलकर लगाने का खेल कराएं। मोती या बड़े दाने धागे में पिरोने दें। ये सभी गतिविधियां मजेदार होते हुए भी हाथों की बारीक गतिविधियों को मजबूत बनाती हैं।
- लेखन की तैयारी. हवा में उंगली से बड़े अक्षर बनाने का अभ्यास कराएं। रेत या आटे में उंगली से पैटर्न बनाना सिखाएं। डॉटेड लाइन्स पर पेंसिल चलाने दें। सीधी और टेढ़ी लाइनें खींचने का अभ्यास कराएं। पेंसिल पकड़ने का सही तरीका धीरे-धीरे सिखाएं। जल्दबाजी न करें, बच्चे को अपनी गति से सीखने दें।
- खेल के जरिए अभ्यास. ब्लॉक्स को एक के ऊपर एक रखकर टावर बनाने दें। पजल के बड़े पीस जोड़ने दें। छोटी चीजों को चिमटी या टॉन्ग्स से उठाने का खेल कराएं। सिक्के या बटन्स को डिब्बे में डालने दें। पानी से भरे गिलास को बिना गिराए एक जगह से दूसरी जगह ले जाने दें। ये खेल मजेदार होते हुए हाथ-आंख के तालमेल को बेहतर बनाते हैं।
- दैनिक रूटीन में शामिल करना. सुबह ब्रश करते समय टूथपेस्ट निकालने दें। नहाते समय साबून से झाग बनाने का मजा दें। खाना बनाते समय छोटे-छोटे काम दें जैसे आटे में पानी मिलाना। किताब के पन्ने धीरे-धीरे पलटने का अभ्यास कराएं। हर रोज कम से कम 15-20 मिनट ऐसी गतिविधियों के लिए समय निकालें।