बच्चों के कार्यकारी कौशल (Executive Function) का विकास कैसे करें
अपने बच्चे के दिमागी कौशल जैसे ध्यान, योजना बनाना और आत्म-नियंत्रण को बढ़ाने के व्यावहारिक तरीके जानें।
- दिनचर्या और संरचना बनाएं. नियमित दिनचर्या बच्चों के दिमाग को व्यवस्थित रहने में मदद करती है। सुबह उठने से लेकर रात सोने तक एक निश्चित क्रम बनाएं। खाना खाने, खेलने, पढ़ने और सोने का समय तय करें। दीवार पर एक सरल चार्ट लगाएं जिसमें दिन भर की गतिविधियां लिखी हों। छोटे बच्चों के लिए तस्वीरों का उपयोग करें। जब बच्चे को पता होता है कि आगे क्या होने वाला है, तो वे अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित महसूस करते हैं।
- काम को छोटे हिस्सों में बांटना सिखाएं. बड़े कामों को छोटे-छोटे चरणों में तोड़कर दिखाएं। जैसे अगर कमरा साफ करना है तो पहले खिलौने उठाना, फिर कपड़े रखना, अंत में झाड़ू लगाना। हर चरण पूरा होने पर बच्चे की सराहना करें। शुरुआत में आप साथ में करें और धीरे-धीरे बच्चे को अकेले करने दें। इससे बच्चा सीखता है कि कैसे बड़े काम को व्यवस्थित तरीके से पूरा किया जाता है।
- याददाश्त बढ़ाने वाले खेल खिलाएं. मेमोरी गेम्स, पहेलियां और कार्ड गेम खिलाएं। 'साइमन सेज' जैसे खेल खेलें जिसमें बच्चे को निर्देशों को याद रखना पड़े। कहानी सुनाते समय बीच में रुककर पूछें कि पहले क्या हुआ था। गाने और कविताएं सिखाएं। रसोई में खाना बनाते समय बच्चे से कहें कि वे रेसिपी के चरणों को याद रखें। ये सभी गतिविधियां बच्चे की कार्यकारी याददाश्त को मजबूत बनाती हैं।
- धैर्य और आत्म-नियंत्रण का अभ्यास कराएं. बच्चों को इंतजार करना सिखाएं। खाने से पहले सभी का इंतजार करना, बोलने से पहले हाथ उठाना जैसी छोटी बातों से शुरुआत करें। गुस्सा आने पर गहरी सांस लेना, 10 तक गिनती करना सिखाएं। जब बच्चा परेशान हो तो उसकी भावनाओं को पहचानने में मदद करें - 'तुम गुस्से में लग रहे हो, क्या हुआ?' खुद भी धैर्य का उदाहरण दें क्योंकि बच्चे देखकर सीखते हैं।
- लचीली सोच विकसित करें. जब योजना बदलनी पड़े तो बच्चे को समझाएं और नए विकल्प दिखाएं। 'क्या होगा अगर' वाले सवाल पूछें। अलग-अलग तरीकों से एक ही काम करने के तरीके दिखाएं। खेल के नियमों में छोटे बदलाव करके देखें। बच्चे को अपनी गलतियों से सीखने दें और बताएं कि गलती करना सामान्य है। इससे बच्चा सीखता है कि परिस्थितियों के अनुसार अपनी सोच बदलना कैसे है।
- संगठन और योजना बनाना सिखाएं. बच्चे के लिए चीजों की निश्चित जगह बनाएं। स्कूल बैग, जूते, किताबों के लिए अलग जगह हो। शाम को अगले दिन की तैयारी करने की आदत डालें। बड़े बच्चों को कैलेंडर का उपयोग सिखाएं। होमवर्क के लिए अलग समय और जगह निर्धारित करें। सामान खरीदने जाते समय बच्चे से लिस्ट बनवाएं। ये सभी गतिविधियां बच्चे में संगठन की क्षमता बढ़ाती हैं।