छोटे बच्चे को दो भाषाएं सिखाने का तरीका

अपने बच्चे को दो भाषाओं में पारंगत बनाने के लिए व्यावहारिक और सरल तरीके।

  1. घर में भाषाओं का बंटवारा करें. घर में साफ नियम बनाएं कि कौन सी भाषा कब और कहां बोली जाएगी। जैसे - एक अभिभावक हमेशा हिंदी में बात करे और दूसरा अंग्रेजी में। या फिर घर में हिंदी और बाहर अंग्रेजी का इस्तेमाल करें। इससे बच्चा दोनों भाषाओं को अलग-अलग पहचानना सीखेगा।
  2. रोजाना की बातचीत में शामिल करें. दिन भर की सामान्य गतिविधियों में दोनों भाषाओं का प्रयोग करें। खाना खिलाते समय, नहलाते समय, खेलते समय दोनों भाषाओं में बात करें। जैसे सुबह नाश्ते के समय 'यह रोटी है, This is bread' कहकर दोनों भाषाओं में बताएं। इससे बच्चा प्राकृतिक तरीके से दोनों भाषाएं सीखेगा।
  3. किताबें और गाने का सहारा लें. दोनों भाषाओं में रंगीन तस्वीरों वाली किताबें खरीदें और रोजाना पढ़कर सुनाएं। बच्चों के गाने, कविताएं और कहानियां दोनों भाषाओं में सुनाएं। लोरी गाते समय कभी हिंदी में, कभी दूसरी भाषा में गाएं। यह बच्चे की सुनने की शक्ति बढ़ाता है और शब्दों का भंडार बनाता है।
  4. धैर्य रखें और दबाव न डालें. हर बच्चे की सीखने की गति अलग होती है। कुछ बच्चे जल्दी बोलना शुरू कर देते हैं, कुछ समय लेते हैं। अगर बच्चा दोनों भाषाओं के शब्दों को मिला देता है तो घबराएं नहीं - यह बिल्कुल सामान्य है। बच्चे को बोलने के लिए मजबूर न करें, बल्कि प्रेम से प्रोत्साहित करें।
  5. सामाजिक माहौल बनाएं. बच्चे को दोनों भाषाओं में बात करने वाले लोगों से मिलने का मौका दें। रिश्तेदारों, दोस्तों या समुदाय के साथ समय बिताएं जहां दोनों भाषाओं का प्रयोग होता है। बच्चों के साथ खेल के समूह बनाएं जहां अलग-अलग भाषाएं बोली जाती हैं। इससे बच्चे को भाषा सीखने में मजा आएगा।
  6. गलतियों को सुधारने का सही तरीका. जब बच्चा कोई गलती करे तो उसे डांटें नहीं। बल्कि सही तरीके से वही बात दोहराएं। जैसे अगर बच्चा कहे 'मुझे water चाहिए' तो आप कहें 'हां, तुम्हें पानी चाहिए' और फिर पानी दें। इससे बच्चा प्राकृतिक तरीके से सीखेगा और बोलने से नहीं डरेगा।