बच्चों में ADHD के शुरुआती लक्षणों को कैसे पहचानें

बच्चों में ADHD के शुरुआती संकेतों को समझें और जानें कि कब विशेषज्ञ से मदद लेनी चाहिए।

  1. ध्यान की कमी के लक्षण. बच्चे का किसी एक काम पर लंबे समय तक फोकस न कर पाना, बातें भूल जाना, निर्देशों को पूरा न कर पाना, और छोटे-छोटे काम भी बीच में छोड़ देना। स्कूल या घर के काम में लगातार गलतियां करना, सामान खो देना, और बात सुनते समय ध्यान भटक जाना भी इसके संकेत हो सकते हैं। यह सामान्य बचपन की भूलभुलैया से अलग होता है क्योंकि यह पैटर्न लगातार और कई जगहों पर दिखता है।
  2. हाइपरएक्टिविटी के संकेत. बच्चे का एक जगह शांत बैठ न पाना, हमेशा हिलते-डुलते रहना, बहुत तेज़ बोलना, या लगातार शोर मचाना। कक्षा में या खाने की मेज़ पर बैठे न रह पाना, हमेशा दौड़ना-भागना, और बेवजह चीज़ों को छूना भी हाइपरएक्टिविटी के लक्षण हैं। छोटे बच्चों में यह ज्यादा स्पष्ट दिखता है, जबकि बड़े बच्चों में यह अंदरूनी बेचैनी के रूप में हो सकता है।
  3. इम्पल्सिविटी (आवेगशीलता) की पहचान. बच्चे का बिना सोचे-समझे काम करना, दूसरों की बात बीच में काटना, अपनी बारी का इंतज़ार न कर पाना, और तुरंत जवाब देने की जल्दी करना। खेल या बातचीत में दूसरों को बाधित करना, खतरनाक काम बिना सोचे करना, और गुस्से में जल्दी आना भी इम्पल्सिविटी के संकेत हैं। यह व्यवहार सिर्फ घर में नहीं, बल्कि स्कूल और दोस्तों के साथ भी दिखता है।
  4. सामाजिक और भावनात्मक संकेत. दोस्त बनाने में कठिनाई, दूसरे बच्चों के साथ खेलते समय समस्याएं, और सामाजिक नियमों को समझने में परेशानी। जल्दी निराश हो जाना, मूड में अचानक बदलाव, और आत्मविश्वास की कमी भी देखी जा सकती है। बच्चा अक्सर दुखी लग सकता है या महसूस कर सकता है कि वो दूसरे बच्चों से अलग है।
  5. स्कूल और पढ़ाई में दिखने वाले लक्षण. होमवर्क पूरा न करना, क्लास में ध्यान न देना, टीचर के निर्देश न सुनना, और लगातार डांट खाना। पढ़ाई में अच्छे होने के बावजूद भी नंबर कम आना, प्रोजेक्ट अधूरे छोड़ देना, और एग्जाम में लापरवाही करना भी आम है। टीचर्स अक्सर शिकायत करते हैं कि बच्चा क्लास में शांत नहीं बैठता या दूसरे बच्चों को परेशान करता है।