प्रीस्कूल के लिए बच्चे को भावनात्मक रूप से तैयार कैसे करें
बच्चे को प्रीस्कूल शुरू करने से पहले भावनात्मक रूप से तैयार करने की व्यावहारिक गाइड।
- घर पर स्वतंत्रता की आदत डालें. बच्चे को धीरे-धीरे छोटे-छोटे काम खुद करने के लिए प्रेरित करें। जैसे अपने खिलौने समेटना, पानी की बोतल से पीना, बाथरूम का इस्तेमाल करना। इससे उन्हें स्कूल में आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी। शुरुआत में उनकी मदद करें, फिर धीरे-धीरे कम सहारा दें। जब वे कुछ अच्छा करें तो उनकी तारीफ जरूर करें।
- अलगाव की चिंता कम करें. बच्चे को छोटी-छोटी अवधि के लिए दूसरे लोगों के साथ छोड़ने का अभ्यास कराएं। पहले दादी-नानी के साथ, फिर किसी भरोसेमंद रिश्तेदार के साथ। हमेशा बताएं कि आप वापस आएंगे और समय पर वापस भी आएं। 'मैं दोपहर के खाने के बाद आऊंगी' जैसे सरल शब्दों में समझाएं। छुप कर न जाएं, हमेशा बाई-बाई कह कर जाएं।
- सामाजिक स्किल्स सिखाएं. बच्चे को दूसरे बच्चों के साथ खेलने के मौके दें। पार्क में ले जाएं, दोस्तों के बच्चों के साथ प्ले डेट्स रखें। उन्हें सिखाएं कि कैसे खिलौने शेयर करते हैं, 'प्लीज़' और 'थैंक यू' कहना, और अगर कोई परेशान कर रहा हो तो टीचर को बताना। घर पर भी भाई-बहनों या कजिन्स के साथ मिल-जुल कर खेलने को प्रेरित करें।
- दिनचर्या में स्थिरता लाएं. स्कूल शुरू होने से 2-3 हफ्ते पहले से घर पर स्कूल जैसी दिनचर्या शुरू करें। सुबह एक निश्चित समय पर उठाना, नहाना-धोना, नाश्ता करना। दोपहर में थोड़ी देर बैठ कर किताब पढ़ना या रंग भरना। रात को जल्दी सुलाना। इससे बच्चे को स्कूल की दिनचर्या अपनाने में आसानी होगी।
- स्कूल के बारे में सकारात्मक बात करें. बच्चे के सामने स्कूल के बारे में हमेशा अच्छी बातें करें। बताएं कि वहां नए दोस्त मिलेंगे, मज़ेदार खेल खेलेंगे, नई चीज़ें सीखेंगे। स्कूल को डराने के लिए इस्तेमाल न करें जैसे 'स्कूल में टीचर डांटेगी'। अगर आप खुद परेशान हैं तो बच्चे के सामने न दिखाएं। उत्साह से बताएं कि वे कितने बड़े हो गए हैं।
- स्कूल की जानकारी दें. स्कूल ले जा कर दिखाएं, क्लासरूम, प्लेग्राउंड, बाथरूम देखने दें। अगर संभव हो तो टीचर से मिलवाएं। घर पर स्कूल-स्कूल का खेल खेलें जिसमें बच्चा टीचर बने या स्टूडेंट बने। किताबें पढ़ें जिसमें स्कूल जाने की कहानी हो। स्कूल बैग, टिफिन बॉक्स, पानी की बोतल दिखा कर उत्साहित करें।