अपने बच्चे का विकास सही दिशा में है या नहीं, कैसे पता करें

बच्चों के विकास के मुख्य चरणों को समझें और जानें कि कब डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

  1. शारीरिक विकास के संकेत. बच्चे के वजन और लंबाई में नियमित बढ़ोतरी देखें। नवजात शिशु पहले साल में अपना वजन तिगुना कर देते हैं। मोटर स्किल्स जैसे सिर उठाना, बैठना, रेंगना, चलना भी उम्र के अनुसार होनी चाहिए। बच्चे की भूख, नींद के पैटर्न भी सामान्य होने चाहिए। छोटे हाथों से चीजें पकड़ना, खिलौनों से खेलना, बाद में लिखना-पढ़ना जैसी गतिविधियों पर भी ध्यान दें।
  2. भाषा और संवाद का विकास. बच्चे की बोलने की शुरुआत कब होती है और कैसे बढ़ती है, यह देखें। शुरुआत में मुस्कराना, आवाजें निकालना, फिर पहले शब्द, वाक्य बनाना। 2 साल तक बच्चे को कम से कम 50 शब्द आने चाहिए। समझना भी उतना ही महत्वपूर्ण है - आपकी बात सुनना, सरल निर्देशों का पालन करना। बड़े बच्चों में पढ़ना-लिखना सीखने की गति भी देखें।
  3. सामाजिक और भावनात्मक विकास. बच्चा दूसरों के साथ कैसे व्यवहार करता है, यह देखें। आंखों से संपर्क बनाना, मुस्कराना, परिवार को पहचानना शुरुआती संकेत हैं। बड़े होने पर दूसरे बच्चों के साथ खेलना, भावनाओं को व्यक्त करना, नियमों का पालन करना महत्वपूर्ण है। स्कूल में दोस्त बनाना, गुस्से को संभालना, खुशी-दुख को बांटना जैसे कौशल भी विकसित होने चाहिए।
  4. सोचने और सीखने की क्षमता. बच्चे की जिज्ञासा, सवाल पूछना, नई चीजें सीखने की इच्छा देखें। स्मृति का विकास - चेहरे याद रखना, गाने सुनाना, कहानियां दोहराना। समस्या सुलझाने की क्षमता भी बढ़नी चाहिए। स्कूली बच्चों में गणित, विज्ञान, पढ़ाई में रुचि और प्रगति पर ध्यान दें। ध्यान लगाने की क्षमता भी उम्र के साथ बढ़नी चाहिए।
  5. नियमित जांच और रिकॉर्ड रखना. बाल रोग विशेषज्ञ से नियमित चेकअप कराएं। टीकाकरण का समय पर पूरा होना जरूरी है। बच्चे के विकास का रिकॉर्ड रखें - पहली बार बैठना, चलना, बोलना आदि। फोटो, वीडियो भी यादों के साथ-साथ विकास को ट्रैक करने में मदद करते हैं। स्कूल की रिपोर्ट और शिक्षकों की राय भी लें।