संवेदी प्रसंस्करण समस्याओं वाले बच्चे की मदद कैसे करें

संवेदी प्रसंस्करण की समस्या से जूझ रहे बच्चे को समझने और सहारा देने के व्यावहारिक तरीके जानें।

  1. संवेदी समस्याओं के संकेत पहचानें. ध्यान दें कि आपका बच्चा किन चीज़ों से परेशान होता है। कुछ बच्चे तेज़ आवाज़, चमकदार रोशनी, या कपड़ों की बनावट से बचते हैं। वहीं कुछ बच्चे लगातार छूना, कूदना या तेज़ आवाज़ करना चाहते हैं। बच्चे का व्यवहार नोट करें - क्या वह बहुत शांत हो जाता है, रोना शुरू कर देता है, या गुस्सा हो जाता है। यह सब महत्वपूर्ण जानकारी है।
  2. घर का माहौल अनुकूल बनाएं. घर में शांत जगह बनाएं जहां बच्चा आराम कर सके। तेज़ रोशनी कम करें और मुलायम, आरामदायक कपड़े इस्तेमाल करें। अगर बच्चा आवाज़ से परेशान होता है तो घर में शोर कम रखें। कुछ बच्चों को भार वाली चादर या तकिया अच्छा लगता है। बच्चे की पसंद-नापसंद समझकर घर को उसके अनुसार ढालें।
  3. दैनिक दिनचर्या में बदलाव करें. बच्चे के लिए नियमित दिनचर्या बनाएं ताकि वह जान सके कि आगे क्या होगा। नहाने का पानी गुनगुना रखें और नरम तौलिया इस्तेमाल करें। कपड़े पहनाते समय धीरे-धीरे करें और बच्चे को तैयार रहने का समय दें। खाना खिलाते समय अलग-अलग बनावट और स्वाद धीरे-धीरे दें। जल्दबाजी न करें और बच्चे के संकेतों को समझें।
  4. बच्चे के साथ धैर्य रखें. समझें कि बच्चा जानबूझकर मुश्किल नहीं बना रहा। उसका दिमाग़ संवेदनाओं को अलग तरीके से महसूस करता है। जब बच्चा परेशान हो तो शांत आवाज़ में बात करें। उसे सुरक्षित महसूस कराएं और समझाएं कि आप उसकी मदद करने के लिए हैं। गुस्सा न करें और न ही उसे मजबूर करें।
  5. संवेदी गतिविधियां शामिल करें. रोज़ाना कुछ संवेदी गतिविधियां करवाएं। प्ले-डो या चावल से खेलना, झूला झूलना, या संगीत सुनना अच्छा हो सकता है। कुछ बच्चों को दबाव वाली मालिश अच्छी लगती है। ट्रैम्पोलिन पर कूदना या तकिए में लुढ़कना भी फायदेमंद हो सकता है। बच्चे की प्राथमिकताओं के अनुसार गतिविधियां चुनें।