प्राकृतिक तरीकों से अपने बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता कैसे बढ़ाएं
सरल और प्राकृतिक तरीकों से बच्चों की इम्यूनिटी मजबूत बनाने के व्यावहारिक उपाय जानें।
- पोषक तत्वों से भरपूर आहार दें. बच्चे के खाने में रंगबिरंगे फल और सब्जियां शामिल करें। विटामिन C के लिए संतरा, आंवला, अमरूद दें। हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक, मेथी जरूर खिलाएं। दालें, अंडे, मछली से प्रोटीन दें। घी, बादाम, अखरोट से अच्छी चर्बी मिलती है। प्रोसेस्ड फूड और ज्यादा चीनी वाली चीजें कम करें। हर दिन एक कटोरी दही या छाछ दें जिससे पेट में अच्छे बैक्टीरिया बढ़ते हैं।
- भरपूर नींद और आराम दिलाएं. अच्छी नींद इम्यूनिटी बढ़ाने का सबसे आसान तरीका है। छोटे बच्चों को दिन में भी 1-2 घंटे सुलाएं। रात को सोने से पहले मोबाइल, टीवी बंद कर दें। कमरे में अंधेरा रखें और शांत माहौल बनाएं। हर रोज एक ही समय पर सुलाने की कोशिश करें। सोने से पहले हल्का दूध पिलाना या कहानी सुनाना अच्छा रहता है।
- नियमित खेल-कूद और व्यायाम कराएं. रोजाना कम से कम 1 घंटा बाहर खेलने भेजें। साइकिल चलाना, दौड़ना, कूदना जैसी गतिविधियां अच्छी हैं। योग और सूर्य नमस्कार सिखाएं। घर के काम में बच्चे को शामिल करें जिससे शारीरिक गतिविधि हो। बारिश या सर्दी में घर के अंदर भी नृत्य, खेल कराएं। पूरे दिन बैठकर पढ़ाई या टीवी देखना सेहत के लिए हानिकारक है।
- प्राकृतिक इम्यूनिटी बूस्टर का सेवन कराएं. सुबह खाली पेट तुलसी के 2-3 पत्ते चबाने को दें। शहद में हल्दी मिलाकर चटाएं (1 साल से ऊपर के बच्चों को)। अदरक की चाय या अदरक का पानी दें। गिलोय का रस या काढ़ा फायदेमंद है। आंवले का जूस या आंवले का मुरब्बा खिलाएं। सर्दी-खांसी के मौसम में गुड़ और काले तिल के लड्डू बनाकर दें। ये सभी चीजें प्राकृतिक रूप से बच्चे की इम्यूनिटी बढ़ाती हैं।
- साफ-सफाई और स्वच्छता का ध्यान रखें. खाना खाने से पहले और बाहर से आने के बाद हाथ धुलवाना जरूरी है। 20 सेकंड तक साबुन से हाथ धुलाएं। दांतों की सफाई रोज 2 बार कराएं। बच्चे के कपड़े और बिस्तर नियमित रूप से धोएं। घर में सफाई रखें और कचरा इकट्ठा न होने दें। पानी हमेशा साफ और उबला हुआ पिलाएं। बाहर का खाना कम से कम दें।
- तनाव कम करें और खुश रखें. बच्चे के साथ हंसी-मजाक का माहौल बनाएं। उसकी बात सुनें और समझने की कोशिश करें। पढ़ाई का अनावश्यक दबाव न बनाएं। परिवार के साथ समय बिताने को प्रोत्साहित करें। संगीत सुनना, चित्र बनाना जैसे शौक विकसित करने दें। बच्चे को प्रकृति के नजदीक ले जाएं। गुस्सा या चिल्लाना बच्चे की इम्यूनिटी पर नकारात्मक प्रभाव डालता है।