बच्चों में मौसमी एलर्जी को कैसे संभालें
बच्चों की मौसमी एलर्जी से राहत दिलाने के लिए व्यावहारिक तरीके और घरेलू उपाय जानें।
- एलर्जी के संकेतों को पहचानें. बच्चे में लगातार छींक आना, नाक बहना या बंद होना, आंखों में खुजली और पानी आना, गले में खराश और सुस्ती जैसे लक्षण दिखें तो यह मौसमी एलर्जी के संकेत हो सकते हैं। बुखार न होना इसे सामान्य सर्दी-जुकाम से अलग करता है। बच्चे की नाक के नीचे की त्वचा लाल हो सकती है और वह बार-बार अपनी नाक रगड़ सकता है।
- घर में एलर्जी कम करने के उपाय. घर की खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें जब पराग की मात्रा ज्यादा हो। एयर प्यूरिफायर का इस्तेमाल करें या AC में फिल्टर लगवाएं। बच्चे के बिस्तर की चादरें हफ्ते में दो बार गर्म पानी से धोएं। कालीन और भारी पर्दों की जगह आसान धुलने वाली चीजों का इस्तेमाल करें। पेट्स को बच्चे के कमरे से दूर रखें।
- बाहरी गतिविधियों की योजना. सुबह जल्दी और देर शाम पराग कम होता है, इस समय बच्चे को बाहर खेलने दें। तेज हवा वाले दिनों में घर के अंदर ही खेल करवाएं। बाहर से आने पर तुरंत बच्चे के हाथ-मुंह धुलवाएं और कपड़े बदलवा दें। बच्चे को धूप का चश्मा और टोपी पहनने को कहें।
- प्राकृतिक राहत के तरीके. नेजल सेलाइन ड्रॉप्स से नाक की सफाई करें। शहद (एक साल से बड़े बच्चों के लिए) गुनगुने पानी में मिलाकर दे सकती हैं। भाप लेने से भी आराम मिलता है - गर्म पानी का कटोरा रखकर तौलिये से सिर ढंककर भाप लें। हल्दी वाला दूध भी फायदेमंद हो सकता है।
- दवाओं का सही इस्तेमाल. डॉक्टर की सलाह पर ही कोई भी दवा दें। एंटी-हिस्टामाइन सिरप तभी दें जब डॉक्टर ने बताया हो। नेजल स्प्रे का इस्तेमाल करने से पहले सही तरीका सीखें। दवा की मात्रा और समय का पूरा ध्यान रखें।