बच्चों के लंबे समय तक कब्ज की समस्या को कैसे संभालें
बच्चों में पुराने कब्ज की समस्या को घर पर सुरक्षित तरीकों से कैसे संभालें और कब डॉक्टर से मिलें।
- कब्ज के संकेतों को पहचानें. अगर आपका बच्चा हफ्ते में तीन बार से कम मल त्यागता है, मल सूखा और सख्त है, या शौच करते समय दर्द होता है तो यह कब्ज के संकेत हैं। छोटे बच्चे अक्सर पेट दर्द की शिकायत करते हैं और शौच से बचने की कोशिश करते हैं। बड़े बच्चों में भूख कम लगना और चिड़चिड़ाहट भी देखी जा सकती है।
- खानपान में बदलाव करें. बच्चे के खाने में फाइबर युक्त चीजें बढ़ाएं जैसे सेब, नाशपाती, पपीता, संतरा और हरी पत्तेदार सब्जियां। दाल, ओट्स और पूरी गेहूं की रोटी दें। तली हुई चीजों, प्रोसेस्ड फूड और चॉकलेट कम करें। दूध की मात्रा सीमित करें क्योंकि ज्यादा दूध कब्ज बढ़ा सकता है। खाना नियमित समय पर दें और छोटे-छोटे हिस्सों में खिलाएं।
- पानी और तरल पदार्थ बढ़ाएं. बच्चे को भरपूर पानी पिलाएं - छोटे बच्चों को दिन में 4-6 गिलास और बड़े बच्चों को 8-10 गिलास पानी दें। नारियल पानी, तरबूज़ का जूस और छाछ भी फायदेमंद है। गुनगुना पानी सुबह खाली पेट दे सकते हैं। कैफीन वाले पेय से बचें क्योंकि वे शरीर से पानी निकालते हैं।
- शारीरिक गतिविधि बढ़ाएं. बच्चे को रोज़ाना कम से कम 30 मिनट तक शारीरिक गतिविधि करने के लिए प्रेरित करें। छोटे बच्चों के साथ खेल-खेल में व्यायाम करें जैसे साइकिल चलाना, दौड़ना या नाचना। पेट की हल्की मालिश करें - घड़ी की दिशा में गोल-गोल हाथ फेरें। योग के आसान आसन जैसे पवनमुक्तासन भी मददगार हो सकते हैं।
- शौच की अच्छी आदतें बनाएं. बच्चे को नियमित समय पर, खासकर खाना खाने के बाद शौच के लिए बैठने की आदत डलवाएं। बाथरूम में आरामदायक माहौल बनाएं और जल्दबाजी न करें। छोटे बच्चों के लिए पैरों के नीचे स्टूल रखें ताकि वे आराम से बैठ सकें। अगर बच्चा शौच से डरता है तो उसे समझाएं और डराएं नहीं।
- घरेलू उपाय आजमाएं. सुबह खाली पेट गुनगुना पानी शहद के साथ दे सकते हैं। पपीता, अंजीर और किशमिश जैसे प्राकृतिक रेचक फलों का सेवन कराएं। त्रिफला चूर्ण डॉक्टर की सलाह से दे सकते हैं। पेट पर सरसों का तेल लगाकर हल्की मालिश करें। गर्म पानी से स्नान भी राहत दिला सकता है।