बिना दबाव के बच्चे को नया खाना आजमाने के लिए कैसे प्रेरित करें

जानें कि बिना जोर-जबरदस्ती के अपने बच्चे को नए खाने की चीजें खाने के लिए कैसे प्रोत्साहित करें।

  1. सही माहौल तैयार करें. खाने का समय शांत और सुखद बनाएं। टेबल पर सबके साथ बैठकर खाना खाएं। टीवी या मोबाइल का इस्तेमाल न करें। घर में खुशमिजाज माहौल बनाए रखें ताकि बच्चा खुद को सुरक्षित महसूस करे। अगर बच्चा परेशान या भूखा नहीं है तो वो नई चीजें आजमाने के लिए अधिक तैयार होगा। धैर्य रखें और याद रखें कि हर बच्चे की अपनी गति होती है।
  2. रोल मॉडल बनें. बच्चे देखकर सीखते हैं, इसलिए खुद विभिन्न प्रकार का खाना खाएं। बच्चे के सामने नई चीजें खाते समय अपनी खुशी जाहिर करें। 'वाह, ये कितना स्वादिष्ट है' जैसी सकारात्मक टिप्पणी करें। परिवार के अन्य सदस्यों को भी इसमें शामिल करें। बच्चा जब देखेगा कि सभी लोग खुशी से विभिन्न खाना खा रहे हैं तो वो भी प्रेरित होगा। अपने डर और नापसंदगी को बच्चे के सामने न जाहिर करें।
  3. छोटे कदम उठाएं. नया खाना बहुत छोटी मात्रा में देकर शुरुआत करें। पहले बच्चे को सिर्फ देखने दें, फिर सूंघने दें, उसके बाद छूने दें। जल्दबाजी न करें - हो सकता है कि बच्चे को किसी नई चीज को स्वीकार करने में कई बार का समय लगे। पहले बच्चे के पसंदीदा खाने के साथ नई चीज को मिलाकर दें। जैसे अगर बच्चा रोटी खाता है तो उसमें थोड़ी सी सब्जी मिलाकर दें। एक समय में केवल एक नई चीज दें ताकि बच्चा अभिभूत न हो।
  4. मजेदार तरीके अपनाएं. खाने को खेल की तरह पेश करें। रंग-बिरंगे खाने की प्लेट बनाएं। फलों और सब्जियों को अलग-अलग शेप में काटें। बच्चे को खाना बनाने में शामिल करें - धोना, मिलाना जैसे आसान काम दें। कहानी या गाने के जरिए खाने को दिलचस्प बनाएं। 'ये गाजर खरगोश का पसंदीदा खाना है' जैसी बातें करें। खाने के साथ खेलने दें - यह सीखने का प्राकृतिक तरीका है। बच्चे को अपने हाथों से खाने की छूट दें।
  5. सकारात्मक प्रेरणा दें. जब बच्चा कोई नई चीज आजमाने की कोशिश करे तो उसकी तारीफ करें, भले ही वो एक छोटा कौर ही खाए। कोशिश करने के लिए प्रशंसा करें, न कि कितना खाया इसके लिए। 'वाह, तुमने कितनी हिम्मत से नई चीज आजमाई' जैसी बातें कहें। खाने के लिए रिश्वत न दें या डरावी बातें न कहें। 'अगर ये नहीं खाओगे तो कमजोर हो जाओगे' जैसी बातें न करें। धैर्य रखें और बच्चे की पसंद का सम्मान करें।
  6. बार-बार अवसर दें. अगर बच्चा आज कुछ नहीं खाता तो निराश न हों। कुछ दिन बाद फिर से वही चीज देने की कोशिश करें। शोध बताते हैं कि बच्चों को कोई नया खाना स्वीकार करने में 8-10 बार तक का समय लग सकता है। हर बार नए तरीके से पेश करें - कभी कच्चा, कभी पका हुआ, कभी अलग शेप में। घर में विभिन्न प्रकार का स्वस्थ खाना हमेशा उपलब्ध रखें। बच्चे की पसंद में बदलाव को स्वाभाविक मानें - जो आज पसंद नहीं वो कल पसंद हो सकता है।