डेयरी एलर्जी वाले बच्चे का खाना-पीना कैसे संभालें

डेयरी एलर्जी वाले बच्चे के लिए सुरक्षित आहार योजना और व्यावहारिक सुझाव।

  1. डेयरी एलर्जी को समझें. डेयरी एलर्जी का मतलब है कि आपके बच्चे का शरीर दूध और दूध से बने उत्पादों में मौजूद प्रोटीन को नहीं पचा पाता। इससे पेट दर्द, उल्टी, दस्त, या त्वचा पर रैशेज हो सकते हैं। यह लैक्टोस इंटॉलरेंस से अलग है। एलर्जी की गंभीरता हर बच्चे में अलग होती है, इसलिए डॉक्टर से सलाह लेकर ही आहार योजना बनाएं।
  2. कौन से खाद्य पदार्थों से बचें. दूध, दही, पनीर, मक्खन, घी, मलाई, आइसक्रीम से बिल्कुल बचें। छुपे हुए डेयरी प्रोडक्ट्स भी खतरनाक हैं - जैसे बिस्कुट, केक, चॉकलेट, कुछ ब्रेड, और पैकेजिंग फूड में। लेबल को ध्यान से पढ़ें। 'व्हे', 'कैसीन', 'लैक्टोज' जैसे शब्द दिखें तो वह प्रोडक्ट न दें।
  3. सुरक्षित विकल्प तैयार करें. नारियल का दूध, बादाम का दूध, या चावल का दूध इस्तेमाल करें। तिल, सूरजमुखी के बीज, और नट्स से कैल्शियम मिलता है। हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक, मेथी भी कैल्शियम से भरपूर हैं। घर में डेयरी-फ्री खीर, हलवा, और लड्डू बना सकते हैं। नारियल तेल या तिल का तेल घी की जगह इस्तेमाल करें।
  4. बाहर खाना और सामाजिक स्थितियां. रेस्टोरेंट में जाने से पहले फोन करके पूछें कि क्या डेयरी-फ्री विकल्प उपलब्ध हैं। बच्चे के स्कूल को एलर्जी के बारे में लिखित में बताएं। पार्टियों में अपना खाना साथ ले जाएं। बच्चे को समझाएं कि वह कोई भी चीज़ खाने से पहले आपसे पूछे।
  5. पोषण की कमी को कैसे पूरा करें. कैल्शियम के लिए तिल के लड्डू, तिल की चटनी, हरी सब्जियां दें। प्रोटीन के लिए दाल, मूंगफली, अंडे (अगर एलर्जिक नहीं है), मछली शामिल करें। विटामिन डी के लिए रोज़ाना धूप में खेलने दें। डॉक्टर की सलाह पर सप्लीमेंट भी दे सकते हैं।
  6. आपातकालीन तैयारी. हमेशा बच्चे के साथ एंटी-एलर्जी दवा रखें जो डॉक्टर ने दी हो। घर में, स्कूल में, और दादा-दादी के घर एक आपातकालीन किट रखें। सभी परिवारजनों और टीचर को एलर्जी के लक्षण पहचानना सिखाएं। अगर बच्चे को सांस लेने में दिक्कत हो या चेहरा सूज जाए तो तुरंत अस्पताल ले जाएं।