बच्चों के लिए ऐसी सीमाएं कैसे तय करें जिनका वे सच में सम्मान करें
बच्चों के साथ स्पष्ट, प्रभावी और सम्मानजनक सीमाएं स्थापित करने की व्यावहारिक गाइड।
- स्पष्ट और सरल नियम बनाएं. बच्चों की उम्र के अनुसार नियम बनाएं जो समझने में आसान हों। 'अच्छा व्यवहार करो' की जगह 'खिलौने फेंकना मना है' कहें। नियमों की संख्या कम रखें ताकि बच्चा उन्हें याद रख सके। सबसे महत्वपूर्ण नियम पहले तय करें - जैसे सुरक्षा से जुड़े नियम। नियम बनाते समय सकारात्मक भाषा का इस्तेमाल करें जो बताए कि क्या करना है, न कि केवल क्या न करें।
- निरंतरता बनाए रखें. एक बार नियम बना दिया तो हर बार उसे लागू करें। यदि आज कुछ गलत है तो कल भी गलत होना चाहिए। परिवार के सभी सदस्यों को एक ही नियम का पालन करना चाहिए। अगर आपने कहा है कि खाना खाने से पहले हाथ धोना जरूरी है, तो इसे हर बार याद दिलाएं। अपने मूड या थकान के कारण नियमों को बदलने से बचें।
- सकारात्मक सुदृढीकरण दें. जब बच्चा नियमों का पालन करे तो उसकी तारीफ करें। 'तुमने बिना कहे अपने कपड़े रख दिए, यह बहुत अच्छी बात है' जैसे स्पष्ट शब्दों में प्रशंसा करें। छोटे बच्चों को तुरंत प्रोत्साहन दें। स्टिकर चार्ट या छोटे इनाम का इस्तेमाल करें। बच्चे के प्रयास को पहचानें, भले ही परिणाम पूर्ण न हो।
- प्राकृतिक परिणाम होने दें. बच्चे अपने काम के नतीजे से सीखते हैं। अगर वे खिलौने नहीं उठाते तो खिलौने कुछ समय के लिए रख दें। यदि वे देर से तैयार होते हैं तो उन्हें जल्दी करने का अनुभव होगा। गुस्से में सजा न दें बल्कि शांति से समझाएं कि यह उनके व्यवहार का परिणाम है। परिणाम उनकी गलती से जुड़े होने चाहिए।
- बच्चे की भावनाओं को समझें. सीमाएं तय करते समय बच्चे की भावनाओं को स्वीकार करें। 'मुझे पता है तुम्हें गुस्सा आ रहा है कि खेल बंद करना पड़ा, लेकिन अब सोने का समय है' कहें। बच्चे को अपनी नाराजगी व्यक्त करने दें लेकिन नियम नहीं बदलें। धैर्य रखें क्योंकि बच्चों को समायोजन में समय लगता है। उनकी उम्र के अनुसार अपेक्षाएं रखें।
- खुद एक अच्छा उदाहरण बनें. जो व्यवहार आप बच्चे से चाहते हैं, वह पहले खुद करें। यदि आप चाहते हैं कि बच्चा शांति से बात करे तो आप भी चिल्लाए बिना बात करें। सम्मान, धैर्य और दयालुता का व्यवहार दिखाएं। अपनी गलतियों को स्वीकार करें और माफी मांगें। बच्चे आपको देखकर सीखते हैं कि कैसे व्यवहार करना है।