जुड़वा बच्चों को निष्पक्ष तरीके से अनुशासन कैसे सिखाएं

जुड़वा बच्चों के लिए निष्पक्ष अनुशासन की व्यावहारिक रणनीतियां और तकनीकें।

  1. व्यक्तिगत व्यवहार को अलग-अलग संबोधित करें. हर बच्चे को उसके अपने व्यवहार के लिए जवाबदेह ठहराएं। अगर एक बच्चा गलती करता है, तो दूसरे को भी सजा न दें। प्रत्येक बच्चे से अलग से बात करें और समझाएं कि क्या गलत था। दोनों को एक साथ डांटने से बचें क्योंकि इससे भ्रम हो सकता है। जब कोई एक बच्चा अच्छा व्यवहार करे तो उसकी तारीफ जरूर करें, भले ही दूसरा बच्चा गलत व्यवहार कर रहा हो।
  2. तुलना से बचें. कभी भी एक बच्चे की तुलना दूसरे से न करें। 'देखो, तुम्हारा भाई कितना अच्छा व्यवहार कर रहा है' जैसी बातें न कहें। यह बच्चों में आपस में प्रतिस्पर्धा और नकारात्मकता पैदा करता है। हर बच्चे की अपनी खूबियों पर ध्यान दें। उनकी व्यक्तिगत उपलब्धियों की सराहना करें। गलती करने पर भी हर बच्चे से अलग-अलग बात करें।
  3. स्पष्ट और समान नियम बनाएं. घर के सभी नियम दोनों बच्चों के लिए समान होने चाहिए। नियम सरल और स्पष्ट भाषा में बनाएं ताकि बच्चे समझ सकें। सभी नियमों की एक सूची बनाकर दिखाई जगह लगाएं। नियम तोड़ने के परिणाम भी दोनों के लिए समान होने चाहिए। नियमों में बदलाव करते समय दोनों बच्चों को एक साथ समझाएं। उम्र के अनुसार नियमों में संशोधन करते रहें।
  4. व्यक्तिगत समय दें. हर बच्चे के साथ अकेले में समय बिताएं। इससे आप उनकी व्यक्तिगत जरूरतों को बेहतर समझ सकेंगे। व्यक्तिगत बातचीत से पता चलता है कि कौन सा बच्चा किस कारण से परेशान है। अलग-अलग गतिविधियां करें जो हर बच्चे की रुचि के अनुकूल हों। इस समय का उपयोग अच्छे व्यवहार को प्रोत्साहित करने के लिए करें।
  5. सकारात्मक व्यवहार को बढ़ावा दें. अच्छे व्यवहार की तुरंत सराहना करें। जब बच्चे मिलकर अच्छा काम करें तो उनकी टीम वर्क की तारीफ करें। छोटे-छोटे अच्छे कामों के लिए भी धन्यवाद दें। पुरस्कार प्रणाली का उपयोग करें लेकिन इसे दोनों बच्चों के लिए निष्पक्ष रखें। नकारात्मक व्यवहार पर ध्यान देने की बजाय सकारात्मक व्यवहार पर जोर दें।
  6. झगड़ों को सुलझाने की तकनीक. जब बच्चे आपस में लड़ें तो पहले स्थिति शांत करें। दोनों की बात अलग-अलग सुनें और समझने की कोशिश करें। तुरंत किसी का पक्ष न लें। समस्या का समाधान मिलकर निकालने के लिए प्रेरित करें। माफी मांगने और देने की आदत डलवाएं। भविष्य में ऐसी समस्याओं से कैसे बचा जा सकता है, इस पर चर्चा करें।