दोस्तों के साथ बॉसी करने वाले बच्चे से कैसे निपटें
अपने बच्चे को दोस्तों के साथ बॉसी व्यवहार छोड़कर बेहतर सामाजिक कौशल सिखाने के प्रभावी तरीके।
- बॉसी व्यवहार को समझें. बच्चे अक्सर बॉसी इसलिए होते हैं क्योंकि वे नियंत्रण महसूस करना चाहते हैं या उन्हें लगता है कि वे सब कुछ बेहतर जानते हैं। छोटे बच्चे अभी भी सीख रहे होते हैं कि दूसरों के साथ कैसे बातचीत करनी है। बड़े बच्चे हो सकता है अपनी अकेलेपन की भावना या असुरक्षा को छुपाने के लिए ऐसा करते हों। पहले यह समझें कि आपका बच्चा ऐसा क्यों कर रहा है।
- व्यवहार को तुरंत संबोधित करें. जब आप अपने बच्चे को बॉसी होते देखें, तो तुरंत लेकिन शांति से हस्तक्षेप करें। उसे एक तरफ ले जाएं और समझाएं कि दोस्तों को आदेश देना सही नहीं है। कहें कि 'मैंने देखा कि तुम राहुल को बता रहे थे कि वो क्या करे। दोस्त एक-दूसरे को आदेश नहीं देते, बल्कि मिलकर फैसला करते हैं।' स्पष्ट उदाहरण दें कि कैसे वह अपनी बात को बेहतर तरीके से कह सकता है।
- सहयोग और साझाकरण सिखाएं. अपने बच्चे को दिखाएं कि कैसे दूसरों के साथ मिलकर खेलना है। 'चलो मिलकर तय करते हैं' या 'तुम्हारा क्या खयाल है?' जैसे वाक्य सिखाएं। घर पर भी इसका अभ्यास करें। जब पारिवारिक फैसले लेने हों तो बच्चे की राय लें लेकिन अंतिम निर्णय मिलकर लें। रोल-प्ले करके दिखाएं कि कैसे वह दोस्तों से विनम्रता से बात कर सकता है।
- सकारात्मक व्यवहार की प्रशंसा करें. जब आपका बच्चा दोस्तों के साथ अच्छी तरह साझाकरण करे या उनकी बात सुने, तो तुरंत उसकी प्रशंसा करें। कहें 'मुझे अच्छा लगा कि तुमने प्रिया की बात सुनी और उसके विचार को मान लिया।' इससे वह समझेगा कि यह व्यवहार सराहनीय है। सकारात्मक व्यवहार पर ध्यान देना नकारात्मक व्यवहार को कम करने का सबसे अच्छा तरीका है।
- घर में अपने व्यवहार की जांच करें. बच्चे अक्सर वही करते हैं जो वे घर में देखते हैं। अपने व्यवहार पर ध्यान दें - क्या आप बच्चे को बहुत सारे आदेश देते हैं? क्या आप उसकी राय सुनते हैं? घर में लोकतांत्रिक माहौल बनाएं जहां सभी की बात सुनी जाए। बच्चे के साथ बात करते समय 'कृपया' और 'धन्यवाद' का उपयोग करें ताकि वह भी विनम्र भाषा सीखे।