सार्वजनिक स्थानों पर बच्चे के गुस्से को कैसे संभालें बिना शर्मिंदगी के

सार्वजनिक स्थानों पर बच्चों के मूड स्विंग्स और गुस्से को शांति से संभालने की व्यावहारिक गाइड।

  1. तुरंत करने वाली बातें. सबसे पहले खुद को शांत रखें और गहरी सांस लें। बच्चे के पास जाकर उसके स्तर पर बैठें या झुकें। धीमी और मधुर आवाज में बात करें। बच्चे को गले लगाने की कोशिश करें अगर वह इजाजत दे रहा हो। अगर बच्चा बहुत छोटा है तो उसे सुरक्षित जगह ले जाएं जहां वह या दूसरे लोग घायल न हों। भीड़-भाड़ वाली जगह से दूर हटने की कोशिश करें लेकिन बच्चे को जबरदस्ती न खींचें।
  2. बच्चे की भावनाओं को समझना. बच्चे के गुस्से के पीछे की वजह समझने की कोशिश करें - क्या वह भूखा है, थका हुआ है, या किसी बात से परेशान है। उसकी भावनाओं को स्वीकार करें और कहें 'मैं समझ रहा/रही हूं कि तुम परेशान हो।' बच्चे को यह एहसास दिलाएं कि आप उसकी बात सुन रहे हैं। अगर बच्चा बोलने की उम्र का है तो उससे पूछें कि क्या परेशानी है। छोटे बच्चों के लिए उनके इशारों और व्यवहार को ध्यान से देखें।
  3. दूसरे लोगों से निपटना. आसपास के लोगों की नजरों और टिप्पणियों को नजरअंदाज करें - याद रखें कि ज्यादातर लोग समझदार होते हैं और खुद भी इससे गुजरे होते हैं। अगर कोई मदद की पेशकश करे तो विनम्रता से स्वीकार करें या इनकार करें। अगर कोई नकारात्मक टिप्पणी करे तो जवाब न दें, बस मुस्कराकर आगे बढ़ें। अपने बच्चे और अपनी प्राइवेसी को प्राथमिकता दें, दूसरों को खुश करने की कोशिश न करें।
  4. व्यावहारिक समाधान. अगर संभव हो तो बच्चे को एक शांत जगह ले जाएं जैसे कार, पार्क का कोई कोना, या स्टोर के बाहर। बच्चे का ध्यान भटकाने के लिए उसके पसंदीदा खिलौने, किताब या स्नैक्स का इस्तेमाल करें। पानी पिलाएं और चेक करें कि कहीं कोई शारीरिक परेशानी तो नहीं। अगर गुस्सा ज्यादा है तो उसे रोने दें लेकिन सुरक्षित तरीके से। बातचीत तब करें जब बच्चा थोड़ा शांत हो जाए।
  5. भविष्य की तैयारी. बाहर निकलने से पहले बच्चे को बताएं कि आप कहां जा रहे हैं और क्या उम्मीद करें। साथ में स्नैक्स, पानी, और मनोरंजन का सामान रखें। बच्चे के खाने-सोने के टाइम का खयाल रखते हुए बाहर निकलने की प्लानिंग करें। लंबी यात्राओं को छोटे हिस्सों में बांटें। बच्चे के साथ पहले से ही सार्वजनिक स्थानों के नियमों पर चर्चा करें।