बच्चों में अवसाद के संकेत कैसे पहचानें
बच्चों में अवसाद के शुरुआती लक्षणों को समझने और सही समय पर मदद लेने का तरीका जानें।
- मूड और व्यवहार में बदलाव. लगातार उदासी, चिड़चिड़ाहट या गुस्सैल होना अवसाद के मुख्य संकेत हैं। अगर आपका बच्चा पहले की तरह खुश नहीं रहता, छोटी बातों पर बहुत गुस्सा करता है, या रोना-धोना ज्यादा हो गया है तो ध्यान दें। यह बदलाव अचानक नहीं बल्कि धीरे-धीरे दिखता है। बच्चा निराशा की बात करे, खुद को बुरा कहे, या यह कहे कि वो किसी काम का नहीं है तो यह चिंता की बात है।
- सामाजिक व्यवहार में परिवर्तन. अवसादग्रस्त बच्चे अक्सर अकेले रहना पसंद करते हैं और दोस्तों या परिवार से दूरी बनाने लगते हैं। वे उन खेलों और गतिविधियों में दिलचस्पी खो देते हैं जिन्हें पहले बहुत पसंद करते थे। स्कूल जाने से मना करना, दोस्तों से मिलना बंद कर देना, या पारिवारिक कार्यक्रमों में भाग न लेना भी संकेत हो सकते हैं।
- शारीरिक और नींद संबंधी समस्याएं. अवसाद का असर बच्चे के शारीरिक स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। नींद न आना, बहुत ज्यादा सोना, या डरावने सपने आना सामान्य लक्षण हैं। भूख में कमी या बहुत ज्यादा खाना, लगातार सिरदर्द या पेट दर्द की शिकायत करना भी हो सकता है। थकान महसूस करना और ऊर्जा की कमी भी दिख सकती है।
- स्कूल और पढ़ाई में समस्याएं. अवसाद से ग्रस्त बच्चों के ग्रेड अचानक गिरने लगते हैं और वे पढ़ाई में ध्यान नहीं दे पाते। शिक्षक भी उनके व्यवहार में बदलाव देख सकते हैं - जैसे क्लास में भाग न लेना, दोस्तों से लड़ाई करना, या बहुत शांत रहना। होमवर्क न करना या स्कूल की गतिविधियों से बचना भी संकेत हो सकते हैं।
- चेतावनी के गंभीर संकेत. अगर बच्चा मृत्यु के बारे में बात करे, खुद को नुकसान पहुंचाने की बात कहे, या यह कहे कि वो नहीं रहना चाहता तो तुरंत गंभीरता से लें। यह भी देखें कि कहीं बच्चा अपनी पसंदीदा चीजें दूसरों को दे तो नहीं रहा या अचानक से बहुत शांत हो गया हो। ये संकेत तत्काल पेशेवर मदद की मांग करते हैं।