परफेक्शनिस्ट बच्चे की मदद कैसे करें
जानें कि अपने परफेक्शनिस्ट बच्चे को स्वस्थ तरीके से आगे बढ़ने में कैसे मदद करें।
- परफेक्शनिस्ट बच्चे के संकेत पहचानें. ध्यान दें कि क्या आपका बच्चा अपना काम बार-बार करता है, गलती होने पर रो देता है, नए काम करने से डरता है, या अपने काम से कभी खुश नहीं होता। यदि बच्चा होमवर्क में बहुत ज्यादा समय लगाता है या छोटी गलती पर बहुत परेशान हो जाता है, तो ये परफेक्शनिज्म के संकेत हो सकते हैं। इन संकेतों को पहचानना पहला कदम है।
- गलतियों को सीखने का अवसर बनाएं. अपने बच्चे के सामने अपनी गलतियों के बारे में खुलकर बात करें और बताएं कि आपने उनसे क्या सीखा। जब बच्चा कोई गलती करे तो उसे डांटने के बजाय कहें 'कोई बात नहीं, अब हम जानते हैं कि अगली बार क्या करना है।' बच्चे को दिखाएं कि गलतियां करना इंसान होने का हिस्सा है और हर गलती हमें कुछ न कुछ सिखाती है।
- प्रयास की तारीफ करें, परिणाम की नहीं. बच्चे की मेहनत और कोशिश की तारीफ करें, न कि सिर्फ अच्छे नंबर या परफेक्ट काम की। 'तुमने बहुत मेहनत की' या 'तुम्हारी कोशिश देखकर मुझे खुशी हुई' जैसे शब्द कहें। जब बच्चा कुछ नया सीखने की कोशिश करे तो उसकी हिम्मत बढ़ाएं, भले ही वह पहली बार में सफल न हो। यह बच्चे को सिखाता है कि कोशिश करना ही सबसे महत्वपूर्ण है।
- यथार्थवादी लक्ष्य तय करने में मदद करें. बच्चे के साथ मिलकर छोटे और पाने योग्य लक्ष्य बनाएं। बड़े काम को छोटे हिस्सों में बांटकर दिखाएं। उदाहरण के लिए, यदि बच्चा साइकिल चलाना सीख रहा है तो पहले बैलेंस बनाने, फिर पैडल चलाने जैसे छोटे कदम तय करें। हर छोटी सफलता का जश्न मनाएं और बच्चे को समझाएं कि धीरे-धीरे सीखना बिल्कुल सामान्य है।
- तनाव कम करने की तकनीक सिखाएं. जब बच्चा परेशान हो तो उसे गहरी सांस लेना सिखाएं। 'चलो तीन बार गहरी सांस लेते हैं' कहकर साथ में करें। बच्चे को यह सिखाएं कि जब काम मुश्किल लग रहा हो तो थोड़ी देर के लिए ब्रेक लेना ठीक है। शांत होने के लिए उसके साथ टहलने जाएं या उसकी पसंदीदा शांत गतिविधि करें।
- सकारात्मक माहौल बनाएं. घर में ऐसा माहौल बनाएं जहां हर कोई अपनी गलतियों के बारे में खुलकर बात कर सके। खुद भी अपनी गलतियों को छुपाने के बजाय उन्हें स्वीकार करें। बच्चे के दोस्तों और भाई-बहनों से उसकी तुलना न करें। हर बच्चा अलग है और अपनी गति से सीखता है, यह बात बच्चे को समझाएं।