बदलाव से परेशान होने वाले बच्चे की मदद कैसे करें

जानें कि अपने बच्चे को दैनिक बदलाव और नई परिस्थितियों के साथ आसानी से तालमेल बिठाने में कैसे मदद करें।

  1. बच्चे को पहले से तैयार करें. बच्चे को अचानक से कुछ बदलने को न कहें। 5-10 मिनट पहले बताएं कि जल्दी ही कुछ बदलने वाला है। जैसे 'अभी 5 मिनट और खेलो, फिर हमें खाना खाना है'। दिन की शुरुआत में ही बताएं कि आज क्या-क्या होने वाला है। दृश्य संकेत का इस्तेमाल करें - घड़ी दिखाएं या टाइमर लगाएं। बच्चे को समझाएं कि बदलाव क्यों जरूरी है।
  2. नियमित दिनचर्या बनाएं. हर दिन एक जैसी दिनचर्या बनाएं जिससे बच्चा जान जाए कि कब क्या होता है। सुबह उठने से लेकर रात को सोने तक के लिए एक क्रम तय करें। खाने, नहाने, खेलने का समय निश्चित रखें। अगर दिनचर्या में कोई बदलाव करना पड़े तो पहले से बता दें। दिनचर्या को आसान भाषा में लिखकर दीवार पर लगाएं या चित्रों के जरिए दिखाएं।
  3. बदलाव को आसान बनाने की तकनीकें. एक गतिविधि से दूसरी में जाने के लिए 'ब्रिज' का इस्तेमाल करें - जैसे गाना गाना या गिनती करना। बच्चे को कुछ नियंत्रण दें - पूछें 'तुम 2 मिनट और खेलना चाहते हो या अभी चलना चाहते हो'। प्रिय खिलौना या कंबल साथ ले जाने की अनुमति दें। बदलाव के बाद कुछ अच्छा होने का भरोसा दिलाएं। बच्चे की भावनाओं को समझें और सहयोग करें।
  4. बच्चे के गुस्से और परेशानी को संभालें. बदलाव के दौरान अगर बच्चा रोए या गुस्सा करे तो शांत रहें। उसकी भावनाओं को स्वीकार करें - 'मैं समझ सकता हूं कि तुम्हें खेल छोड़ना पसंद नहीं'। जबरदस्ती न करें, बल्कि धैर्य रखें। गहरी सांस लेने या गिनती करने जैसी शांत करने वाली तकनीकें सिखाएं। बच्चे को गले लगाएं या हाथ पकड़कर सहारा दें। जब बच्चा सहयोग करे तो उसकी तारीफ जरूर करें।
  5. सकारात्मक अनुभव बनाएं. बदलाव को रोचक बनाने की कोशिश करें - जैसे 'चलो देखते हैं कि हम कितनी जल्दी तैयार हो सकते हैं'। अच्छे व्यवहार के लिए स्टिकर या छोटे इनाम दें। बच्चे को बदलाव में मदद करने का मौका दें - जैसे अपने खिलौने रखवाना। नई जगह जाने से पहले उसके बारे में रोचक बातें बताएं। छोटी-छोटी सफलताओं का जश्न मनाएं। बच्चे को बताएं कि आप उसपर गर्व महसूस करते हैं।