बच्चों को भावनाओं की भाषा सिखाने का तरीका
अपने बच्चे को भावनाओं को पहचानना और व्यक्त करना सिखाने के आसान और प्रभावी तरीके।
- खुद पहले भावनाओं के शब्द इस्तेमाल करें. बच्चे आपको देखकर ही सीखते हैं। जब आप खुश हैं तो कहें 'मैं बहुत खुश हूं आज।' परेशान हैं तो कहें 'मुझे थोड़ी चिंता हो रही है।' दिन भर में अपनी भावनाओं के बारे में बात करते रहें। बच्चा धीरे-धीरे इन शब्दों को सुनकर समझेगा कि हर एहसास का एक नाम होता है। जब आप गुस्से में हैं तो यह भी बताएं कि 'मम्मी को गुस्सा आ रहा है लेकिन यह ठीक हो जाएगा।'
- किताबों और कहानियों का सहारा लें. कहानी की किताबें भावनाओं को समझाने का बेहतरीन तरीका हैं। जब कहानी पढ़ रहे हों तो पूछें 'लगता है यह लड़का कैसा महसूस कर रहा है?' तस्वीरों को देखकर भावनाओं के बारे में बात करें। 'देखो, यह लड़की मुस्कुरा रही है, शायद वह खुश है।' ऐसी किताबें चुनें जिनमें अलग-अलग भावनाओं के बारे में बताया गया हो। कहानी खत्म होने के बाद पूछें कि अगर वे उस जगह होते तो क्या महसूस करते।
- रोजमर्रा की स्थितियों में भावनाओं की पहचान करें. खेल के दौरान, खाना खाते समय, या बाहर जाते समय भावनाओं के बारे में बात करें। अगर बच्चा किसी चीज़ से डर रहा है तो कहें 'लगता है तुम्हें डर लग रहा है, यह बिल्कुल सामान्य है।' जब वे किसी दोस्त के साथ खेल रहे हों तो पूछें 'तुम कैसा महसूस कर रहे हो?' पार्क में दूसरे बच्चों को देखकर भी बात कर सकते हैं 'वह बच्चा रो रहा है, शायद उसे दुख हो रहा है।' इससे बच्चा समझेगा कि भावनाएं सभी के साथ होती हैं।
- आसान शब्दों से शुरुआत करें. पहले खुश, उदास, गुस्सा और डर जैसे बुनियादी शब्द सिखाएं। जब बच्चा इन्हें समझ जाए तो धीरे-धीरे नए शब्द जोड़ें जैसे चिंतित, उत्साहित, निराश या गर्व। बहुत छोटे बच्चों के लिए 'अच्छा लग रहा है' या 'बुरा लग रहा है' से शुरुआत करें। फिर धीरे-धीरे इसे और स्पष्ट बनाएं। एक समय में एक ही नया शब्द सिखाएं और उसे कई बार इस्तेमाल करके दिखाएं।
- चेहरे के भावों को पहचानना सिखाएं. आईने के सामने खड़े होकर अलग-अलग चेहरे बनाएं। 'देखो जब मैं खुश हूं तो मेरा चेहरा कैसा दिखता है।' बच्चे से भी अलग-अलग भावनाओं के चेहरे बनाने को कहें। फोटो या ड्रॉइंग दिखाकर पूछें कि इस व्यक्ति को कैसा लग रहा होगा। खेल-खेल में यह अभ्यास करें। आप एक भावना का चेहरा बनाएं और बच्चे से कहें कि वह बताए कि यह कौन सी भावना है।
- भावनाओं को स्वीकार करना सिखाएं. जब बच्चा कोई भावना व्यक्त करे तो उसे नकारें नहीं। अगर वह कहता है 'मुझे डर लग रहा है' तो 'डरने की कोई बात नहीं है' कहने की बजाय कहें 'तुम्हें डर लग रहा है, मुझे बताओ क्या हुआ है।' हर भावना सामान्य है, यह बताएं। गुस्सा आना भी ठीक है लेकिन दूसरों को चोट पहुंचाना गलत है। भावनाओं और व्यवहार में अंतर समझाएं। बच्चे को सिखाएं कि भावनाओं को महसूस करना अच्छी बात है।